यूपी में वीडियो भर्ती परीक्षा में धांधली: EOW ने तीन वांछित आरोपियों को किया गिरफ्तार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2018 में हुई ग्राम विकास अधिकारी (VDO), समाज कल्याण पर्यवेक्षक और ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने अभियान चलाकर तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच विशेष अनुसंधान दल (EOW), लखनऊ द्वारा की जा रही थी।
धंधली का मामला
2018 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), लखनऊ ने कुल 1,953 पदों के लिए TCS लिमिटेड के माध्यम से परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा में व्यापक स्तर पर धांधली होने की शिकायतों के आधार पर मामला थाना विभूतिखण्ड, लखनऊ में दर्ज किया गया और इसके बाद इसकी विवेचना EOW को सुपुर्द की गई।
जांच में सामने आया कि तत्कालीन अधिकारी/कर्मचारी और कार्यदायी संस्था TCS ने अन्य संस्थाओं, दलालों और अभ्यर्थियों के साथ मिलकर OMR शीट्स में कूटरचना की। इस प्रक्रिया में अपात्र अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिए गए और पात्र अभ्यर्थियों को चयनित होने से वंचित किया गया। धांधली प्रमाणित होने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
EOW के ऑपरेशन “शिकंजा” के तहत कुल तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:
गंगेश कुमार, पुत्र प्रेमनाथ यादव, निवासी ग्राम पोस्ट, थाना सिधारी, जनपद आजमगढ़
गिरफ्तारी: 08 जून 2026, लगभग 14:30 बजे, थाना परिसर सिधारी, आजमगढ़
विपिन चौधरी, पुत्र रामशंकर चौधरी, निवासी उतरौलिया पखुआ पार, थाना खलीलाबाद, जनपद संतकबीर नगर
गिरफ्तारी: 08 जून 2026, लगभग 19:20 बजे, कुमार हॉस्पिटल के पास, एलआईसी बिल्डिंग के सामने, खलीलाबाद
सुशील कुमार, पुत्र फूलचंद्र पटेल, ग्राम उगापुर मारिकपुर रामपुर निस्फी, थाना सुरेरी, जनपद जौनपुर
गिरफ्तारी: 08 जून 2026, लगभग 23:00 बजे, ग्राम उगापुर मारिकपुर, रामपुर निस्फी, जौनपुर
ये खबर भी पढ़े : मदरसे में जीवित ब्यक्ति को मृत दिखाकर कर दिया अपने परिजनों की नियुक्ति,हुआ गिरफ्तार इस मामले में पहले भी कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में अब तक कुल 173 अभियुक्तों के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया गया है।
जांच का महत्व
EOW ने बताया कि इस प्रकार की धांधली से न केवल योग्य उम्मीदवारों के हक का हनन होता है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं। “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत आरोपियों की गिरफ्तारी और सबूत जुटाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
इस मामले से यह संदेश भी जाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार भर्ती में भ्रष्टाचार और कूटरचना को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
