'द' सरयू अस्पताल माझा क्षेत्र में बना लाइफ लाइन
बस्ती (दुबौलिया) - ग्रामीण अंचलों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाये डाक्टरों के अभाव में अनरजिस्टर्ड डाक्टरों के भरोसे चल रहा है स्वास्थ्य केंद्रो पर न तो डाक्टर रहते हैं और न पैथालाजी एक्स-रे अल्ट्रा साउंड सिस्टम ही है तब मरीजों को शहर की ओर भागना नियति बन गया है ।इस माहौल के बीच दुबौलिया बाजार में खुला द सरयू अस्पताल माझा क्षेत्र के मरीजों के लिए लाइफ लाइन बना है ।सरयू मनवर दोआबा क्षेत्र में जहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इमरजेंसी सेवाये नदारद है वहीं द सरयू अस्पताल दोआबा क्षेत्र के मरीजों को चौबीस घंटे आपात मेडिकल सुविधाये मुहैया करा रहा है ।दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में चिलमाबाजार , दुबौलिया, विशेषरगंज बाजार में पी एच सी तथा सरैया अतिबल गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुबौलिया स्थापित है लेकिन कहीं भी इमरजेंसी सेवा उपलब्ध नहीं है । सरकारी अस्पताल में सुविधा न होने से मरीजों को बस्ती अयोध्या लखनऊ जाना पड़ता है स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब रोड एक्सीडेंट के साथ आकस्मिक संकट पैदा होता है । त्वरित इलाज न होने से जान जोखिम में पड़ जाता है ।
दुबौलिया बाजार से पांच सौ मीटर पूरब राम-जानकी मार्ग से सटे द सरयू अस्पताल जनवरी माह में अपने स्थापना से मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया करा रहा है ।जहां एक निश्चित दिन गैस्ट्रो सर्जन चर्मरोग विशेषज्ञ , न्यूरोलॉजिस्ट,अर्थोलाजिस्ट मरीजों का परीक्षण कर इलाज कर रहे हैं । अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अल्ट्रा साउंड जैसी सुविधाएं भी शीघ्र चालू हो जायेगी ।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
