खबर का असर: स्लॉटर हाउसों से हटाए गए वर्षों से जमे पशु चिकित्सक!
अपर मुख्य सचिव के संज्ञान के बाद निदेशक ने जारी किए आदेश, 14 जिलों में बदले गए पशु चिकित्सक
निदेशक राजेंद्र प्रसाद के आदेश पर कई जिलों में हुआ बदलाव, उन्नाव की तैनातियों पर भी उठ रहे सवाल
- स्लॉटर हाउस पोस्टिंग: क्यों नहीं छूट रही मलाईदार कुर्सी...हेडिंग से प्रमुखता से छपी थी जनहित की खबर
लखनऊ, उन्नाव। पशुपालन विभाग में स्लॉटर हाउसों और मीट प्रोसेसिंग यूनिटों में लंबे समय से तैनात पशु चिकित्सकों को लेकर प्रकाशित खबर का व्यापक असर देखने को मिला है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले के प्रकाश में आने के बाद अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम ने प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसके बाद पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. राजेश प्रसाद द्वारा उन्नाव समेत प्रदेश के 14 जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र जारी कर नई तैनाती के निर्देश दिए गए।
आदेश के तहत उन्नाव, शामली, आगरा, बाराबंकी, अलीगढ़, बुलन्दशहर, झांसी, हापुड़, सहारनपुर, रामपुर, संभल, बरेली, गाजियाबाद और मेरठ जिलों में स्लॉटर हाउस एवं मीट प्रोसेसिंग यूनिटों में कार्यरत पशु चिकित्सकों की तैनाती में बदलाव किया गया है। विभागीय चचार्ओं के अनुसार कई ऐसे पशु चिकित्सक, जो लंबे समय से एक ही स्लॉटर हाउस अथवा मीट प्रोसेसिंग यूनिट में तैनात थे, उन्हें हटाकर उनकी जगह नए चिकित्सकों की तैनाती की गई है।
नोडल प्रभारी डिप्टी सीवीओ हरिओम पटेल को भी हटाया गया!
पूर्व में प्रकाशित तरुणमित्र की खबर में डिप्टी सीवीओ नोडल प्रभारी डॉ. हरिओम पटेल की स्लॉटर हाउस में तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक नई व्यवस्था में उन्हें उक्त दायित्व से हटा दिया गया है तथा उनके स्थान पर दूसरे पशु चिकित्साधिकारी की तैनाती की गई है। पशुपालन विभाग के अंदरखाने में सबसे अधिक चर्चा नई तैनातियों के तरीके को लेकर हो रही है।
सूत्रों का कहना है कि शासनादेश में संबंधित क्षेत्र और कार्यक्षेत्र को प्राथमिकता देने का उल्लेख किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर कार्यों की निगरानी और संचालन प्रभावी ढंग से हो सके। लेकिन उन्नाव में की गई तैनाती को लेकर विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि कुछ मामलों में शासनादेश की भावना के विपरीत तैनाती की गई है, जिससे भविष्य में फिर बदलाव की स्थिति बन सकती है।
विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म...!
नई तैनाती सूची जारी होने के बाद पशुपालन विभाग में चचार्ओं का बाजार गर्म है। कर्मचारी और अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम को हाल के दिनों में उठे विवादों, और शासन स्तर पर हुई समीक्षा से जोड़कर देख रहे हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
