बुद्धेश्वर मंदिर के सीताकुंड में फिर मरी मछलियां, श्रद्धालु परेशान
शनिवार शाम तक नहीं हटाई गई,तेज गंध से श्रध्दालु परेशान
लखनऊ। शुक्रवार पारा के बुद्धेश्वर मंदिर परिसर के सीताकुंड में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने के बाद उन्हें दूसरे दिन नहीं हटाया गया। इससे लोगों और व्यापार मंडल में नगर निगम के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मृत मछलियां कुंड के किनारे और पत्थरों पर पड़ी रहीं। इससे मंदिर परिसर में तेज दुर्गंध फैल गई है, जिससे दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और आसपास के दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मछलियों के मरने की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने नगर निगम को सूचना दी थी। उसके बाद नगर निगम को सूचना दी थी।
इस मामले में नगर निगम के सफाई निरीक्षक रामचंद्र यादव ने कहा है कि सीताकुंड में ऑक्सीजन की कमी के कारण हर साल मछलियों के मरने की समस्या सामने आती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ाए जाने वाले पदार्थ सीधे तालाब में जाने से पानी में ऑक्सीजन की कमी होती है, जिससे मछलियों की मौत होती है।
उन्होंने जल्द ही सफाई कर्मचारियों को भेजकर मृत मछलियों को हटवाने और कुंड की सफाई कराने का आश्वासन दिया था। बुद्धेश्वर व्यापार मंडल के महामंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि बुद्धेश्वर मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में मृत मछलियों का पड़ा रहना और दुर्गंध फैलना अस्वीकार्य है। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
