वर्षों से परिवार से बिछड़े बुजुर्ग को मिला अपनों का साथ
संत कबीर नगर और चाईबासा विधिक सेवा प्राधिकरण ने मिलाया
संत कबीर नगर।* सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर सुश्री अनन्या साह ने बताया है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाईबासा (झारखंड) के समन्वित एवं संवेदनशील प्रयासों से वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक बुजुर्ग को सकुशल उनके परिजनों से मिलाने में सफलता प्राप्त हुई। यह मानवीय पहल न्याय के साथ-साथ संवेदनशीलता, सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद संत कबीर नगर के बनपुरवा ग्राम निवासी श्री फूल देव यादव किसी कारणवश भटककर झारखंड के चाईबासा पहुँच गए थे। रास्ता भटकने के दौरान उनके साथ सड़क दुर्घटना भी हुई, जिसके बाद स्थानीय लोगों की सहायता से उन्हें वृद्धाश्रम, चाईबासा में आश्रय एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई गई। बाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाईबासा द्वारा उनकी पहचान स्थापित करने एवं परिजनों का पता लगाने के लिए सतत प्रयास किए गए। इस क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर से संपर्क स्थापित किया गया। दोनों प्राधिकरणों के समन्वित प्रयासों, सूचना के आदान-प्रदान तथा क्षेत्रीय स्तर पर किए गए सत्यापन के उपरांत बुजुर्ग के परिजनों का पता लगाया गया।
इसके पश्चात उनके भाई सिद्धनाथ यादव चाईबासा पहुँचे और वर्षों बाद दोनों भाइयों का भावुक मिलन हुआ। यह दृश्य उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायक रहा। दोनों प्राधिकरणों की इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि विधिक सेवा केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्तियों को उनके अधिकारों, सम्मान एवं परिवार से जोड़ना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है।
इस संपूर्ण कार्य का मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर की सचिव सुश्री अनन्या साह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चाईबासा (झारखंड) के सचिव रवि चौधरी द्वारा किया गया। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर के मा0 अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के नेतृत्व एवं संरक्षण में यह मानवीय प्रयास सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस मानवीय कार्य में डीएलएसए चाईबासा की वॉलंटियर सुश्री प्रमिला पात्र, संत कबीर नगर के वॉलंटियर श्री नीरज, तथा डीएलएसए संत कबीर नगर के कार्यालय लिपिक श्री आर. भवन चौधरी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई बुजुर्ग, असहाय अथवा बेसहारा व्यक्ति अपने परिवार से बिछड़ा हुआ मिले तो उसकी सूचना तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा निकटतम पुलिस प्रशासन को दें, ताकि उसे शीघ्र उसके परिवार से मिलाया जा सके। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के हित संरक्षण हेतु संचालित नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2016 के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। विधिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य केवल न्याय दिलाना नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा करते हुए प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और अपनापन पहुँचाना भी है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में पाँच वर्षों का अनुभव रखने वाले दयानिधि त्रिपाठी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के संत कबीर नगर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
