निषाद पार्टी के 4 विधायकों का मोह भंग
सोशल मीडिया अकाउंट पर पार्टी का नाम और झंडा गायब
लखनऊ। एनडीए में शामिल एवं प्रदेश सरकार में सहयोगी निषाद पार्टी में ही विद्रोह शुरु हो गया है। पार्टी के 11 विधायकों में से 4 ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर पार्टी का नाम एवं झण्डा हटा दिया है। साथ ही भाजपा का झंण्डा एवं प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो लगा रखी है।
निषाद पार्टी के मुखिया डॉ संजय निषाद योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री है। इन दिनों वह निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए आंदोलित है। इसे लेकर हाल में उन्होंने यहां तक कह दिया कि समाज को आरक्षण दिला दे चाहे हमारा मंत्रि पद ले लिया जाए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खुब प्रचाररित हुआ। अब उनके ही पार्टी के विधायकोें का दल से मोहभंग होने लगा है। गत विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था। इसके तहत पार्टी को 16 सीटें मिली थीं। इनमें 2 तरह की सहमति बनी थी। इसमें 10 सीटें निषाद पार्टी के सिंबल (भोजन की थाली) पर लड़ी गईं। इनमें से 6 सीटों पर जीत दर्ज हुई। निषाद पार्टी से मझवां (मिजार्पुर) सीट से विधायक रहे डॉ. विनोद कुमार बिंद ने 2024 में भदोही लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया था। अब निषाद पार्टी के कुल 5 विधायक हैं।
दूसरी ओर निषाद पार्टी के 6 प्रत्याशियों को भाजपा ने अपने सिंबल यानी कमल के फूल पर चुनाव लड़ाया था, जिनमें से 5 जीते थे। इन्हीं में से 4 का झुकाव भाजपा की तरफ ज्यादा दिख रहा है। निषाद पार्टी से नाराज विधायकों में संत कबीर नगर की मेंहदावल सीट से एमएलए अनिल कुमार त्रिपाठी, महराजगंज की नौतनवा से ऋषि त्रिपाठी, कुशीनगर की खड्डा से विवेकानंद पांडेय और जौनपुर की शाहगंज से रमेश सिंह शामिल हैं। इन सभी विधायकों का झुकाव भाजपा की ओर बढ़ रहा है। यह विधायक पार्टी की बैठकों में भी शामिल नहीं होते। सोशल मीडिया का ट्रेंड बदलने के बाद यह संभावना जतायी जा रही है कि अब वह आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा से लड़ेंगे।
इसे लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मेरी पार्टी के कुछ विधायकों को अपना झंडा-बैनर लगाने में शर्म आती है। ऐसे नेताओं को दोबारा टिकट देने से पहले सोचना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन दिनों संगठन को बूथ स्तर तक विस्तार किया जा रहा है। पिछली बार की तुलना में इस बार हमारे अधिक विधायक जीत कर विधानसभा पहुंचेंगे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
