डालीबाग के 72 फ्लैटों पर संकट: सिंचाई विभाग ने एलडीए की योजना को बताया अवैध, जमीन विवाद तेज
लखनऊ। राजधानी के डालीबाग इलाके में एक बड़े आवासीय प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस जमीन से जुड़ा है जिस पर पहले कथित तौर पर माफिया से खाली कराई गई भूमि पर फ्लैटों का निर्माण किया गया था।
इस जमीन पर Lucknow Development Authority (एलडीए) ने सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना के तहत 72 फ्लैट बनाए हैं। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जाती है और कुछ महीने पहले स्वयं मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र भी सौंपे थे। इसके साथ ही गृह प्रवेश के लिए सामान भी वितरित किया गया था, हालांकि अब तक किसी भी आवंटी को वास्तविक कब्जा नहीं मिला है।
विवाद तब शुरू हुआ जब Irrigation Department Uttar Pradesh ने इस जमीन पर अपना दावा करते हुए नोटिस जारी कर दिया। विभाग ने आरोप लगाया कि यह निर्माण उसकी जमीन पर हुआ है और इसे अवैध अतिक्रमण बताया गया है। नोटिस में यह भी कहा गया कि निर्माण को हटाया जा सकता है।
ये खबर भी पढ़े : बदायूं में हाईवे पर ट्रैक्टराें ने ई रिक्शा सवाराें काे राैंदा, छह महिलाओं की मौत व तीन घायलइस कार्रवाई के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब सिंचाई विभाग की टीम मौके पर ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची। इस दौरान स्थानीय लोगों और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प की खबरें सामने आईं।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील बन गया है क्योंकि यह परियोजना पहले ही राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही थी और अब भूमि स्वामित्व के विवाद ने पूरे 72 फ्लैटों की योजना पर संकट खड़ा कर दिया है। अगर सिंचाई विभाग का दावा सही साबित होता है, तो इस पूरे आवासीय प्रोजेक्ट पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
