प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की कृषि सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक - डॉ. वी. बी. सिंह
बस्ती - कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती द्वारा विकास खंड गौर की ग्राम पंचायत सेमरा एवं मझौवा चौधरी में खेत बचाओ अभियान 2026 के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों में कृषि को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के उपायों से अवगत कराया गया।कृषि वैज्ञानिक डॉ. वी. बी. सिंह ने किसानों को वर्षा जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों, फसल विविधीकरण तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों को फसल चक्र में शामिल करने के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भविष्य की कृषि सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है तथा प्रत्येक किसान को मिट्टी और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना चाहिए।
गृह वैज्ञानिक डॉ. अंजली वर्मा ने ग्रामीण परिवारों में पोषण सुरक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि कुपोषण की रोकथाम के लिए घरों में पोषण वाटिका विकसित करना, मोटे अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियों तथा स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों का नियमित उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को परिवार के पोषण प्रबंधन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि वानिकी, परागण मित्र कीटों के संरक्षण तथा कृषि अपशिष्टों के पुनः उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। किसानों ने अभियान के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे खेती की लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाली उपयोगी पहल बताया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
