बच्चों को मिली रिश्ते जोड़ने की सीख
— बेसिक विद्यालय में दादी नानी की कहानी
लखनऊ। लोक संस्कृति शोध संस्थान की मासिक श्रृंखला दादी नानी की कहानी जीतेश की ज़ुबानी का 84वां आयोजन सोमवार को बीकेटी स्थित बेसिक विद्यालय कमलाबाद बढ़ौली में हुआ। स्टोरीमैन जीतेश श्रीवास्तव ने दर्जी की सीख कहानी के माध्यम से बच्चों को रिश्तों को तोड़ने के बजाय जोड़ने और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मनोरंजक खेल से हुआ। कहानी में दर्जी द्वारा कैंची को नीचे और सुई को ऊपर रखने के माध्यम से समझाया गया कि तोड़ने वाले की जगह नीचे और जोड़ने वाले की जगह हमेशा ऊपर होती है। बच्चों ने कहानी के संदेश को उत्साहपूर्वक आत्मसात किया। अर्चना गुप्ता ने बच्चों को कविता सुनाई जिसे बच्चों ने दोहराया। वरिष्ठ गायिका आशा श्रीवास्तव ने प्रेरक पंक्तियों का सामूहिक गायन कराया। इस अवसर पर संस्थान की सचिव सुधा द्विवेदी, लोक कथा प्रभारी शम्भू शरण वर्मा, समाजसेवी अवनीश कुमार सिंह, विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापक किरन त्रिवेदी, अंजुला चौधरी, एकता श्रीवास्तव, दिनेश यादव, उषा तिवारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
