यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा युवक गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित परीक्षा केंद्र पर तकनीकी जांच के दौरान एक ऐसे अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पहले किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दी थी और बाद में स्वयं के नाम से पुनः परीक्षा देने पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है तथा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 10 जून 2026 को बाबा ठाकुरदास इंटर कॉलेज, कैसरबाग स्थित परीक्षा केंद्र संख्या-59006 पर यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली आयोजित की जा रही थी। परीक्षा के दौरान तकनीकी टीम के प्रभारी प्रदीप कुमार ने एक अभ्यर्थी की पहचान और परीक्षा संबंधी अभिलेखों की जांच की। जांच में पाया गया कि परीक्षा दे रहा अभ्यर्थी राम अवतार पुत्र रामपाल, निवासी ग्राम नंगला शिशराम, थाना मगोर्रा, जनपद मथुरा है।
ये खबर भी पढ़े : ग्रामीण जनहित सेवा समिति ने हैण्ड पम्पों के पानी के आर्सेनिक जांच कराने की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापनतकनीकी जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यही युवक 8 जून 2026 को लखनऊ के खालसा इंटर कॉलेज, थाना नाका हिंडोला स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली में वीरू पुत्र राजवीर सिंह, निवासी जनपद मथुरा के नाम पर परीक्षा दे चुका था। यानी आरोपी ने दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर बैठकर परीक्षा दी थी और बाद में अपने नाम से भी परीक्षा देने पहुंच गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने परीक्षा में शामिल होने के लिए कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। तकनीकी टीम द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें संदेह और गहरा हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कैसरबाग में आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 105/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश-2024 की धारा 8 एवं 13(5) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राम अवतार (25 वर्ष) पुत्र रामपाल निवासी ग्राम नंगला शिशराम, जिला मथुरा के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं है और भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से भर्ती परीक्षा में नकल और प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन) करने वालों में हड़कंप मच गया है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
