जौनपुर के छह सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अवैध करार
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जौनपुर में सहायक अध्यापक पद पर हुई छह नियुक्तियों को अवैध करार दिया है। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है।
यह मामला 2006 से लंबित था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन छह शिक्षकों की नियुक्ति बिना किसी स्वीकृत पद के कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए की गई थी, जिसके चलते राजकीय कोष से करीब दाे लाख 74 हजार 030 रुपये का भुगतान हुआ।
अदालत ने मूल अभिलेख तलब कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। 2011 में हुई जांच रिपोर्ट में भी इन नियुक्तियों को फर्जी बताया गया था। हालांकि मूल रिकॉर्ड बाद में गुम हो गए। हाल ही में अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा कराई गई ताज़ा जांच में भी पुष्टि हुई कि नियुक्तियां कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत नहीं हुई थीं। इसके आधार पर कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिवादी संख्या सात से 12 को कोई भी सेवा लाभ न दिया जाए, क्योंकि उनकी नियुक्तियां अवैध पाई गई हैं।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
