शिकायत के बाद सीएम के अपर मुख्य सचिव ने लिया संज्ञान
— 80 वर्षीय वृद्धा से 3 लाख वसूलने वाले निजी अस्पताल पर होगी कार्रवाई
— निजी अस्पताल की होगी जांच,डीएम को दिए आदेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इंदिरा नगर, लखनऊ स्थित इम्पीरिया न्यूरो साइंसेज एंड मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर लगे गंभीर आरोपों का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने प्रार्थी की शिकायत को जिलाधिकारी, लखनऊ को भेजकर "परीक्षणोपरान्त नियमानुसार कार्यवाही" करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला: सीतापुर जिले की सिधौली तहसील के ग्राम बाड़ी निवासी सौ प्रतिशत दिव्यांग शाबान अली ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी 80 वर्षीय माता बीबी आमना को उक्त अस्पताल में 30.05.2026 से 10.06.2026 तक 11 दिन भर्ती रखा गया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन द्वारा ₹3,00,000/- से अधिक की वसूली नगद व ऑनलाइन माध्यम से की गई। शिकायतकर्ता शाबान अली का आरोप है कि इतनी बड़ी धनराशि लेने के बावजूद उनकी माता की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि हालत और बिगड़ गई। मजबूरन उन्हें दस जून को डिस्चार्ज कराना पड़ा। प्रार्थना पत्र में फर्जी बिल बनाने,अनावश्यक जांच कराने,अस्पताल मालिक डॉ.खुर्शीद आलम व पार्टनर फरहान द्वारा दुर्व्यवहार करने तथा अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था न होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ये खबर भी पढ़े : कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों के निष्कासन को वापस लेने एवं परीक्षा में बैठाने की मांगसीएम कार्यालय की कार्रवाई: 10.06.2026 को दिए गए प्रार्थना पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने 11.06.2026 को ही प्रकरण को जांच हेतु जिलाधिकारी, लखनऊ को अग्रसारित कर दिया है। पत्र पर स्पष्ट रूप से अंकित है कि "कृपया परीक्षणोपरान्त नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गयी है।"
प्रार्थी की मांग: 100 प्रतिशत दिव्यांग शाबान अली ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाए,एफआईआर दर्ज की जाए तथा वसूली गई अतिरिक्त राशि मय ब्याज के वापस दिलाई जाए। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि शिकायत के बाद उन्हें धमकी मिल सकती है,इसलिए सुरक्षा की मांग की है।इस संबंध में इम्पीरिया हॉस्पिटल प्रबंधन से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका है। अस्पताल का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
