एसीएस व महानिदेशक ने किया कैंसर संस्थान का निरीक्षण
— कैंसर उपचार को और सशक्त बनाने पर दिया जोर
लखनऊ। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित कुमार घोष ने कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान का निरीक्षण किया। उनके साथ चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव नेहा शर्मा तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग, साइबरनाइफ सिस्टम, ट्रूबीम लिनियर एक्सीलरेटर , ब्रैकीथेरेपी, सीटी सिम्युलेटर, ट्रीटमेंट प्लानिंग रूम और निर्माणाधीन टोमोथेरेपी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कर मरीजों के लिए जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने बताया कि डिजिटल पीईटी-सीटी स्कैन शुरू होने से मरीजों को कैंसर की सटीक जांच होगी। यह मशीन बीमारी की पहचान, स्टेजिंग, इलाज की प्रभावशीलता और दोबारा कैंसर होने की समय रहते जानकारी देने में मदद करेगी। इसके संचालन के लिए पीपीपी मॉडल पर निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एक सप्ताह के भीतर कार्यादेश जारी होने की उम्मीद है।
निदेशक ने बताया यह तकनीक मस्तिष्क, रीढ़ और शरीर के अन्य हिस्सों के जटिल कैंसर का बिना चीरा लगाए अत्यंत सटीक रेडियो सर्जरी और रेडियोथेरेपी से इलाज करने में सक्षम है। अधिकारियों ने बताया कि संस्थान के दोनों ट्रूबीम लिनियर एक्सीलरेटर पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन 140 से 150 कैंसर मरीजों को आधुनिक रेडियोथेरेपी दी जा रही है। वहीं ब्रैकीथेरेपी के लिए आवश्यक लाइसेंस मिल चुका है और इसकी नियमित सेवाएं भी जल्द शुरू होंगी।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
