लखनऊ। रविवार जिला कोर्ट के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों पर बुलडोजर चला दिया गया। रविवार शाम करीब 4:30 बजे पुलिस और प्रशासन के अफसरों की टीम मौके पर पहुंची। जिसके बाद नगर निगम की टीम भी 8 बुलडोजर और हाईवा के साथ पहुंच गई। शाम 5:10 बजे बुलडोजर से चैंबर तोड़ना शुरू किया गया। साथ ही इलाके की बिजली भी काट दी गई है। करीब सवा घंटे चली कार्रवाई के दौरान 58 अवैध चैंबर तोड़े गए।
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर 17 मई को नगर निगम की टीम ने यहां 14 चैंबर तोड़े थे। तब इसका जमकर विरोध हुआ था। हंगामा और पथराव में सिपाही समेत 3 वकील घायल हो गए थे। इसके बाद वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तो जरूर होगी। जस्टिस विक्रम नाथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के भी जज रह चुके हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने सुझाव दिया था कि मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जाए। लेकिन, पीठ ने इसके लिए भी इनकार कर दिया था। साथ ही वकील को याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी थी। इसके बाद नगर निगम ने वकीलों को 30 अगस्त तक अवैध चैंबर छोड़ने का नोटिस जारी किया था।इस याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के 4 अगस्त के आदेश को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने लखनऊ नगर निगम को निर्देश दिया था कि वह 72 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करे। इनमें से अधिकतर वकील हैं। यह चैंबर और ढांचे लखनऊ जिला अदालत परिसर के पास सार्वजनिक रास्तों और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर बनाए गए हैं।