दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर अटकलें तेज
लखनऊ। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सियासत गरमा गयी है। साथ ही उनके भविष्य को लेकर अटकले भी लगायी जा रही है। उनके विधान सभा चुनाव लड़ने के भी कयास लगाये जा रहे हैं। हालाकि उनके द्वारा इस दिशा में कोई बयान नहीं दिया गया।
दिव्या मित्तल के त्यागपत्र के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक अपने त्याग पत्र में उन्होंने मिजार्पुर का कई बार जिक्र किया है। यह भी कयास लगाये जा रहे है कि वह मिजार्पुर से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं। क्योंकि मिजार्पुर में तैनाती के दौरान उन्होंने लहरिया दह पहाड़ी के गांव में पानी पहुंचाया था, जिसके बाद से ही उनका केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से विवाद की चर्चा सामने आई थी। इसी प्रकरण के बाद उनका ट्रांसफर हुआ था। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अशुं अवस्थी ने कहा कि भाजपा सरकार में ईमानदार और दूरदर्शी सोच वाले अधिकारियों को अपमानित किया जा रहा है, साथ ही जातीय भेदभाव चरम पर है, चापलूस और भ्रष्टाचारी अधिकारी प्राइम पोस्टिंग पर हैं।
उन्होंने कहा कि यह सरकार आधिकारियों से काम और विकास कराने के बजाय अपना एजेंडा पूरा कराना चाहती है,अफसर जो संविधान सम्मत कार्य करने के बजाय बीजेपी सरकार के अनैतिक दबाव के चलते घुटन महसूस करते है। इसीलिए ईमानदार अफसर नौकरी छोड़ रहे है। प्रदेश का विकास और लोगों को रोजगार देना नही बल्कि अपना निजी जातीय और धार्मिक ध्रुवीकरण का एजेंडा इस सरकार की पहचान बनयी है। जिसे संविधान की शपथ लेकर सेवा में आने वाली प्रशासनिक मशीनरी अनैतिक कार्यों को लेकर घुटन में है ।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
