आजाद समाज पार्टी के 45 प्रभारी घोषित, सर्वर्णो से दूरी
दलित-मुस्लिम-ओबीसी पर जोर
लखनऊ। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में भले ही आम चुनाव अभी दूर हो लेकिन तैयारियां जोरों पर है। इस चुनाव में पहली बार आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की धमक सुनाई देगी। इसी कड़ी में पार्टी ने शुक्रवार को 45 विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों की सूची जारी कर दी। इसमें सर्वणों से पूरी तरह से दूरी बनायी गयी है। जबकि दलित-मुस्लिम-ओबीसी पर भरोसा जताते हुए एक नया गठजोड़ बनाने की कोशिश की गयी है।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर रावण के निर्देश और प्रदेश कमेटी की संस्तुति पर पार्टी ने 45 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी नियुक्त किए हैं। यह कदम सपा, बसपा और कांग्रेस जैसे पारंपरिक दलों से आगे निकलने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों को लेकर 45 विधानसभा क्षेत्रों हेतु प्रभारियों की नियुक्ति की कई है। नवनियुक्त साथियों से पूरी निष्ठा, समर्पण और मेहनत के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील नगीना सांसद चन्द्र शेखर द्वारा की गयी है। साथ ही सामाजिक न्याय, संविधान और बहुजन हितों की आवाज को जन-जन तक पहुँचाने की भी अपेक्षा की गयी है।
पार्टी द्वारा जारी पहली सूची में 45 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों में सर्वाधिक 18 दलितों पर भरोसा जताया गया है। इसी तरह पिछड़े वर्ग के 16, 10 मुस्लिम तथा एक सिख का चयन किया गया है। इस सूची में कई पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, आईपीएस अधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता हैं। यह मिश्रण अनुभव और नई ऊर्जा दोनों को दशार्ता है। यह सूची बहुजन समाज की आवाज को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। आजाद समाज पार्टी ने जानबूझकर सामाजिक संतुलन बनाए रखा है। इससे स्पष्ट संदेश है कि पार्टी बहुजन एजेंडे को प्राथमिकता दे रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी क्षेत्रों तक—शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, बरेली, सीतापुर, गोरखपुर, वाराणसी तक—प्रभारी फैलाए गए हैं। कई सुरक्षित सीटों पर भी दलित प्रभारी दिए गए हैं। चर्चा यह भी है कि यही प्रभारी आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी होंगे। सवाल यह है कि भाजपा, सपा और बसपा अभी तक संगठन स्तर पर इतनी तेज गतिविधि नहीं दिखा पाए हैं। लेकिन पार्टी का यह कदम चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
