भाजपा-रालोद प्रदेश अध्यक्षों की मंत्रणा, बढ़ी हलचल
लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तकरीबन सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी बीच शुक्रवार को भाजपा एवं राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्षों की मुलाकात हुई । साथ ही इन दोनों नेताओं ने बंद कमरे में करीब आधा घंटे तक मंत्रणा भी किया। हालाकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है लेकिन सियासी हलचल तेज हो गयी है। जबकि यह दोनों ही दल एनडीए के सहयोगी है।
एनडीए के प्रमुख घटक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा यह स्पष्ट किया जा चुका है बीजेपी सहयोगी दलों के साथ मिलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। इसी बीच शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा की मुलाकात के बाद लंबी बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार मिशन 2027 को लेकर संगठनात्मक समन्वय तथा एनडीए को और अधिक सशक्त बनाने हेतु दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय लोकदल के बीच संगठनात्मक स्तर पर संवाद और समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस पर दोनों नेताओं ने सहमति जतायी, प्रदेश स्तर के साथ-साथ जिÞला स्तर पर भी दोनों दलों के जिला अध्यक्षों एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के बीच नियमित संवाद, सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, बेहतर समन्वय किया जाए। जिससे एनडीए की संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क अभियान को जमीनी स्तर पर नई गति मिल सके। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां, प्रदेश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य तथा विशेष रूप से पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल के बढ़ते जनाधार और संगठनात्मक विस्तार पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने एनडीए को और अधिक मजबूत, प्रभावी तथा जनविश्वास के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। इस मुलाकात के बाद रालोद में हलचल बढ़ गयी है।
हालाकि गठबंधन के तहत सीटों का समझौता हाईकमान द्वारा दिल्ली में होगा। रालोद चाहता है कि वेस्ट यूपी के साथ प्रदेश के हर क्षेत्र में सीटें मिले जिससे संगठन को गति मिल सके। पिछला विधानसभा चुनाव रालोद ने सपा के साथ लड़कर 8 सीटें जीती थी। लोकसभा चुनाव से पूर्व रालोद ने भाजपा के साथ गठबंधन किया तो दो सीटें मिली जिस पर जीत हासिल किया। इस बार रालोद 60 सीटों पर तैयारी कर रहा है।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
