मौसम 31 जुलाई 2026: इस मानसून सभी को मानसून जैसी बारिश का इंतजार
नई दिल्ली। मौसम 31 जुलाई 2026: इस मानसून सभी को मानसून जैसी बारिश का इंतजार है। कुछ राज्यों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर राज्यों में बारिश बेहद कम देखने को मिली है। इस बीच मौसम विभाग ने 12 राज्यों में भारी बारिश आंधी और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग यानी की IMD के मुताबिक इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले तीन दिन तक राज्य के कुछ इलाकों के साथ-साथ पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में भी गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।
दिल्ली-NCR
दिल्ली-एनसीआर (31 जुलाई से 4 अगस्त): मौसम विभाग ने दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। कल यानी 31 जुलाई को आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश होने का अनुमान है। 1 अगस्त को भी बारिश की संभावना है। 2, 3 और 4 अगस्त को भी मौसम लगभग समान रहेगा।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश (31 जुलाई): मौसम विभाग ने अगस्त की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के अंदर मानसून के फिर सक्रिय होने का अनुमान जताया है। हालांकि, वर्षा पर निर्भर क्षेत्रों में मिट्टी की नमी और बुआई की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, रायबरेली, संत कबीर नगर और सीतापुर समेत कई जिलों में आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी है।
बिहार
बिहार (31 जुलाई से 4 अगस्त): मौसम विभाग के अनुसार, 31 जुलाई से 4 अगस्त तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। 31 जुलाई से कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार, 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
राजस्थान
राजस्थान (31 जुलाई से 2 अगस्त): दक्षिण-पश्चिम मानसून के असर के कारण राजस्थान में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अनेक हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के ज्यादातर भागों में अगले कुछ दिन मानसून के सक्रिय रहने और मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। जोधपुर संभाग के दक्षिणी भागों में 31 जुलाई से दो अगस्त के बीच कहीं-कहीं भारी से अति भारीबारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश (31 जुलाई): राज्य के नाहन के उपमंडलीय मजिस्ट्रेट राजीव सांख्यान ने कहा है कि शिमला स्थित मौसम विज्ञान विभाग ने सिरमौर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। उन्होंने कहा कि जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश आने, गरज के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की आशंका है जिससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और मौसम से जुड़ी अन्य घटनाएं हो सकती हैं तथा जान-माल को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
उत्तराखंड
उत्तराखंड (31 जुलाई): उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा सहित सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया या उसके करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। अधिकारियों ने बताया कि अलर्ट को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ (31 जुलाई): रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश होने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के कुछ स्थानों पर भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है।
गुजरात
गुजरात (31 जुलाई से 2 अगस्त): मौसम विभाग ने 31 जुलाई के लिए अहमदाबाद समेत गुजरात के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बहुत अधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के डायरेक्टर अशोक कुमार दास ने बताया कि अहमदाबाद सहित कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने असामान्य बारिश की भी संभावना जताई है। 2 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 31 जुलाई को नर्मदा जिले में भारी बारिश की संभावना है, जबकि दक्षिण गुजरात के अहमदाबाद, बोटाद, जामनगर, आनंद, वडोदरा, छोटाउदेपुर, भरूच, नर्मदा, सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमण, दादर नगर हवेली में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा
ओडिशा (31 जुलाई): ओडिशा में बाढ़ की स्थिति है। खास तौर पर राज्य के 4 उत्तरी जिलों में हालात चिंताजनक है, जबकि महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वर्षा पूर्वानुमान, और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भद्रक, जाजपुर, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों में स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, तटबंध टूटने से कई गांव चारों ओर से पानी से घिर गए और नए क्षेत्रों में भी पानी भर गया, जिससे तीन प्रखंडों के लोगों पर गंभीर असर पड़ा है।
असम
असम (31 जुलाई): असम में बाढ़ से हालात खराब हैं। पानी-बारिश के कारण अब तक 78 लोगों की मौत हो चुकी है। बुलेटिन के मुताबिक, असम के सात जिलों में करीब तीन लाख लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, बिस्वनाथ और कामरूप शहरी समेत सात जिले अब भी प्रभावित हैं, जहां 551 गांव इसकी चपेट में हैं। इस बीच, आईएमडी ने 31 जुलाई से एक अगस्त तक असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है, जिससे असम के तिनसुकिया, धेमाजी और लखीमपुर जिले प्रभावित हो सकते हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु (31 जुलाई): अगले तीन दिनों में कोयंबटूर और नीलगिरी के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है, जिसका कारण तमिलनाडु तट के साथ वायुमंडल के निचले स्तरों पर व्याप्त कमजोर निम्न दबाव परिसंचरण को बताया गया है। मौजूद वायुमंडलीय प्रणाली के कारण राज्य के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से पश्चिमी घाटों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। शुक्रवार को कोयंबटूर, तिरुनेलवेली, नीलगिरी, थेनी और कन्याकुमारी जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों में छिटपुट भारी बारिश के साथ गरज और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर (31 जुलाई): जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिले के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। पड़ोसी किश्तवाड़ जिले में भी जिला प्रशासन ने लगातार भारी बारिश के कारण फिसलन भरी सड़कों और पत्थर गिरने की आशंका जताई है। डोडा, किश्तवाड़ और रामबन सहित चेनाब घाटी के इलाकों में भी झमाझम देखने को मिल सकती है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है।
