नेपाल: सांप्रदायिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की शांति की अपील, निष्पक्ष जांच का भरोसा
उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन
काठमांडू। नेपाल सुनसरी के देवानगंज और सिरहा समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुए दुखद हादसों और उसके बाद पनपे सांप्रदायिक तनाव के बीच नेपाल सरकार पूरी तरह गंभीर नजर आ रही है।
स्थिति पर नियंत्रण और देश में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्र के नाम एक विशेष संबोधन जारी किया है। अपने संबोधन में उन्होंने देशवासियों से शांति, संयम और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की भावुक अपील की।
पीड़ितों को श्रद्धांजलि और मुआवजा का भरोसा
प्रधानमंत्री शाह ने घटना में जान गंवाने वाले नागरिक जयप्रकाश मेहता, ओमप्रकाश मेहता और गणेश यादव के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई।
ये खबर भी पढ़े : नेपाल ने सीमा सुरक्षा मजबूत करने के दिए निर्देश, डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागूउन्होंने आश्वस्त किया कि घटना में घायल हुए सभी नागरिकों के शीघ्र इलाज के लिए स्वास्थ्य निकायों को सख्त और स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता
गृह मंत्रालय ने घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय छानबीन समिति का गठन कर दिया है। पीएम शाह ने देश को आश्वस्त किया कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाएगा।
इसके साथ ही, गृह मंत्री स्वयं सुरक्षा बलों के उच्च अधिकारियों के साथ जमीनी हालात का जायजा लेने और पीड़ितों से संवाद करने घटनास्थल रवाना हो चुके हैं।
अफवाहों पर लगाम और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक
देश की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई, जिसमें आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आम जनता से अपील की है कि:
- सोशल मीडिया या किसी भी माध्यम से भड़काऊ बयान, अफवाहें और नफरत फैलाने वाली सामग्री न शेयर करें।
- केवल सरकारी और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
- किसी एक स्थान की घटना को लेकर पूरे समुदाय को आरोपी न ठहराएं और न ही प्रतिशोध की भावना रखें।
"धर्म और संस्कृति प्रेम और करुणा का मार्ग दिखाते हैं"
अपने संबोधन के अंत में मैथिली भाषा की पंक्तियों को भी शामिल करते हुए पीएम ने कहा कि नेपाल का संविधान हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता देता है, और धर्म आपस में जोड़ने का काम करता है, न कि हिंसा का।
उन्होंने कहा, "कठिन से कठिन समय में भी हमारी आपसी एकता और सहिष्णुता ही नेपाल की सबसे बड़ी ताकत रही है। आइए, हम सब मिलकर शांति और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाएं।"
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
