अम्बेडकर नगर। जनपदीय महाविद्यालय शिक्षक संघ, अम्बेडकर नगर और बी. एन. के. बी. पी.जी. कॉलेज शिक्षक संघ इकाई की संयुक्त बैठक बी. एन. के. बी. पी.जी. कॉलेज अकबरपुर में बुधवार को आहूत की गई। यह बैठक विगत फरवरी माह में विधि परीक्षा में घटित अप्रिय घटना और उस प्रकरण में महाविद्यालय प्राचार्य के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई थी। इस घटना ने पूरे जिले के शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बनाया था। उसके बाद से शिक्षक संघ निरंतर इस मुद्दे को उठा रहे थे। अवगत कराया गया कि इस पूरे प्रकरण के दृष्टिगत जनपदीय महाविद्यालय शिक्षक संघ और इकाई शिक्षक संघ, बी. एन. के. बी. पी.जी. कॉलेज ने इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए विश्वविद्यालय से माँग की है कि महाविद्यालय को विधि परीक्षा का केंद्र न बनाया जाय। आज की बैठक में दोनों संघों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे इस मामले में पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे।
जनपदीय महाविद्यालय शिक्षक संघ अम्बेडकर नगर के जिलाध्यक्ष डॉ. अतुल मिश्र ने कहा कि जिस प्रकार स्नातक परीक्षा के लिए स्ववित्तपोषित महाविद्यालय केंद्र बन सकते हैं, तो विधि परीक्षा के लिए यह स्ववित्तपोषित महाविद्यालय परीक्षा केंद्र क्यों नहीं बन सकते हैं। आगे कहा कि विश्वविद्यालय जबरदस्ती परीक्षा केंद्र बनाए जाने पर जनपदीय महाविद्यालय शिक्षक संघ अम्बेडकर नगर परीक्षाओं का पूर्ण बहिष्कार करेगा। शिक्षक नेता अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री प्रत्याशी डॉ. राजेश उपाध्याय ने जोर देकर कहा कि यह मांग किसी व्यक्तिगत विरोध की नहीं, बल्कि पूरे महाविद्यालय की प्रतिष्ठा और सुचारू शैक्षणिक माहौल को बनाए रखने के लिए है।
बाबा बरुआ दास पी. जी. कॉलेज, परुइया आश्रम में भूगोल के सहायक आचार्य और जिला उपाध्यक्ष डॉ. विवेक शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय और शासन स्ववित्तपोषित महाविद्यालय को मानक और नियम से आबद्ध होकर मान्यता देता है। फिर क्यों न विश्वविद्यालय उन महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र क्यों नहीं बनाता है।
बैठक के उपरांत दोनों शिक्षक संघों ने एक स्वर में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल पत्र भेजकर बी.एन.के. बी.पी.जी कॉलेज को आगामी विधि परीक्षाओं का केंद्र न बनाने का अनुरोध करना और विधि परीक्षा केंद्र बनाने की दशा में परीक्षा बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। बहिष्कार के निर्णय का पत्र भी महाविद्यालय की प्राचार्य को सौपा।
इस अवसर पर बी.एन.के. बी.पी.जी कॉलेज, अकबरपुर, बाबा बरुआ दास पी. जी. कॉलेज, परुइया आश्रम और टी. एन. पी. जी. कॉलेज टांडा के शिक्षक उपस्थित रहे।