जेन अलफा इम्पैक्ट, सुधरने लगे स्कूल
कई विभाग कर रहें मानीटरिंग, अधिकारियों की स्कूलों में दस्तक
लखनऊ। स्कूली छात्र यानी जेन अल्फा के आंदोलन का असर अब दिखने लगा है। स्कूलों की दशा एवं दिशा बदलने के लिए कई स्तर पर कार्य चचल रहा है। साथ ही राज्य से लेकर पंचायत स्तर तक कई चरणों में मानीटरिंग हो रही है। अधिकारी भी स्कूलों में जाकर छात्रों की समस्याओं का सुनने एवं उनके निदान करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कार्य में बेसिक शिक्षा के अलावा करीब दर्जन भर विभाग सक्रिय है।
प्रदेश में सरकारी स्कूलों की बदहाली के खिलाफ जेन अल्फा ने गत दिनों लखनऊ, उन्नाव और हमीरपुर समेत कई जिलों में सड़क पर आंदोलन किया। इसका संज्ञान स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया और उन्होंने स्कूलों के हालात सुधारने के स्पष्ट निर्देश दिये। साथ ही इस कार्य के लिए 604 करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिये। इसके साथ ही मुख्य सचिव से लेकर विकास खण्ड स्तर के अधिकारी सक्रिय हो गये। शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अफसर स्कूल पहुंच कर छात्रों की समस्याएं सुन रहे हैं। स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारी जाने लगी हैं। स्कूल सुधार अभियान में बेसिक शिक्षा के साथ ही जिला प्रशासन, पंचायती राज ग्राम्य विकास, जलशक्ति सहित कई विभाग सक्रिय हो गये है। सर्वोदल विघालयों में शिक्षकों की कमी ,सड़क, पेयजल और इमारतों को दुरुस्त करने का काम शुरू हो गया है।
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि सर्वोदय विद्यालय- अंशकालिक शिक्षकों का रिन्यूअल कियश जा रहा है। प्रदेश में संचालित 115 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के 399 अंशकालिक शिक्षकों का मंगलवार को रिन्यूअल कर दिया गया। इनमें 353 शिक्षक समाज कल्याण विभाग से संचालित और 46 शिक्षक जनजाति विकास विभाग से संचालित विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा छात्र-अभिभावक शिकायत या सुझाव देने के लिए टोल फी्र नंबर 9793741114 जारी किया गया है। स्कूलों की व्यवस्था में सुधार से छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है।
लखनऊ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। स्मार्ट कक्षाओं और सुचारू शैक्षणिक सत्र के लिए जाने जाते हैं। गर्मी की छुट्टियों और भीषण गर्मी के बाद जून के अंतिम सप्ताह से सभी स्कूल नियमित रूप से सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं। साथ ही स्कूलों में मिलने वाला मिड डे मिल के खाने में भी सुधार हो गया है। स्कूलों में खाने की गुणवत्ता सुधारी जाने लगी है। साथ ही स्कूलों के सपंर्क मार्ग, शौचालय, पेयजल एवं भवन की मरम्मत एवं रंगाई पुताई करायी जा रही है। फतेहपुर के किशनपुर में सर्वोदय इंटर कॉलेज में 28 जुलाई को छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया था। यहां भी डीएम निधि गुप्ता मौके पर पहुंची और समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन दिया। अगले ही दिन से स्कूल मे व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी शुरू हो गई। कक्षाओ में पंखे लग गए। वायरिंग दुरुस्त की गई, शौचालयों मे दरवाजे सही किए गए और खेल का मैदान साफ हो गया। यहां अब जेनरेटर और वॉटर कूलर भी लगाया गया है।
स्कूलों का हो रहा कायाकल्प: सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूलों सुधार अभियान के तहत लखनऊ को 12 जोनों में बांटा गया है। ग्रामीण क्षेत्र के सभी स्कूलों का सर्वे हो चुका है, इसके बाद आवश्यकता के अनुरूप भवन की मरम्मत, रंगाई पुताई, पेयजल, प्रशाधन को दुरुस्त किया जा रहा है। इस दौरान जलभराव, साफ सफाई के साथ संपर्क मार्गो को भी ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशायनिक सक्रियता से शिक्षण कार्य एवं मिड डे मिल में भी सुधार हुआ है। साथ ही स्कूलों को स्मार्ट बनाने के भी प्रयास जारी है। व्यवस्था सुधारने के लिए करीब दर्जन भर विभाग सक्रियता से कार्य कर रहे हैं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
