उच्च न्यायालय के आदेश से स्थिति हुई स्पष्ट : राजेश्वर सिंह राज्य निर्वाचन आयुक्त
वार्ड एवं पद आरक्षण की प्रक्रिया राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में, उच्च न्यायालय के आदेश से स्थिति हुई स्पष्ट : राजेश्वर सिंह राज्य निर्वाचन आयुक्त
प्रकाश चंद्र शर्मा
जयपुर। वार्डों एवं पदों के आरक्षण की लॉटरी निकालने का अधिकार राज्य सरकार के पास है, न कि राज्य निर्वाचन आयोग के पास। इस तथ्य को स्पष्ट होने में कई महीने लगे, जिसके कारण राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं कर सका। चुनाव की घोषणा तभी संभव है, जब राज्य सरकार द्वारा आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कर आयोग को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस विषय को लेकर लंबे समय तक विभिन्न स्तरों पर भ्रम की स्थिति बनी रही। उन्होंने कहा कि अब माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से यह स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है कि वार्ड एवं पदों के आरक्षण की प्रक्रिया राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाना संभव नहीं था।
ये खबर भी पढ़े : नागौर फैक्ट्री अग्निकांड में पुलिस जांच तेज, सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधि आई सामने उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में हुई देरी का कारण राज्य निर्वाचन आयोग नहीं, बल्कि ओबीसी आयोग की कार्यवाही तथा राज्य सरकार के स्तर पर लंबित रही आरक्षण संबंधी प्रक्रिया थी। उच्च न्यायालय के आदेश ने इस संवैधानिक व्यवस्था को स्पष्ट कर दिया है।
राजेश्वर सिंह ने कहा कि अब जबकि न्यायालय के आदेश से स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, इस विषय पर पहले व्यक्त किए गए विभिन्न दृष्टिकोणों का भी तथ्यों के आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग सदैव संवैधानिक प्रावधानों एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्य करता है और चुनाव संबंधी सभी निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिए जाते हैं।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 35 वर्षों से सक्रिय प्रकाश चंद्र शर्मा एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। राजस्थान के जयपुर से रिपोर्टिंग करते हुए वह ‘तरुणमित्र’ के साथ भी जुड़े हुए हैं और समाचार लेखन व कवरेज में योगदान दे रहे हैं।
