सांप के काटने से मौत पर NHRC सख्त
सभी राज्यों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
नई दिल्ली। सांप के काटने से हुई मौतों के दो अलग-अलग मामलों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने इन मामलों का संज्ञान लेते हुए सांप के काटने की रोकथाम और इलाज की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं।
बेंच ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि दूर-दराज और सांप के काटने की घटनाओं वाले क्षेत्रों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को बिना किसी देरी के समय पर जीवनरक्षक इलाज मिल सके।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह भी कहा गया है कि वे हाई-रिस्क क्षेत्रों की पहचान करें, सांप काटने की घटनाओं का डेटा तैयार करें और ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त स्वास्थ्य और आपातकालीन सुविधाएं सुनिश्चित करें।
बेंच ने आश्रम शाला आदिवासी और अन्य आवासीय छात्रावासों, खासकर दूर-दराज और जंगल क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जरूरत पर भी जोर दिया है। ऐसे छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के लिए पर्याप्त बेड/खाट, वार्डन और स्टाफ, सुरक्षित सोने की व्यवस्था, कैंपस की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता तक तुरंत पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। आयोग ने ये निर्देश दो अलग-अलग मामलों का संज्ञान लेते हुए जारी किए हैं।
पहला मामला महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत से जुड़ा है, जहां छात्रावास के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।
दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में सांप के काटने के एक पीड़ित की मौत से जुड़ा है, जहां आरोप है कि इलाज के लिए एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कराने में देरी हुई। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से तय समय के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
