सरकार के फैसलों का विरोध करना अपराध नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

Published By Gargi Vishwakarma
On
Gargi Vishwakarma Picture

कोर्ट ने कहा- सिर्फ सरकार के फैसलों का विरोध करने या नारे लगाने के आधार पर किसी को तड़ीपार नहीं किया जा सकता, यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है।

नई दिल्ली: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक राजनीतिक कार्यकर्ता के खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा जारी तड़ीपार (Externment) आदेश को रद्द करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के कुछ फैसलों का विरोध करने या उनके खिलाफ प्रदर्शन करने मात्र के आधार पर किसी नागरिक को तड़ीपार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसा आदेश संविधान के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीने के अधिकार को प्रभावित करता है।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति माधव जे. जमदार ने मुंबई पुलिस से सवाल किया कि क्या सरकार के फैसलों का विरोध करने वाले नागरिकों पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें "सरकार का गुलाम" बनाया जा रहा है? अदालत ने यह भी पूछा कि यदि कोई व्यक्ति "BJP सरकार मुर्दाबाद" या "अमित शाह मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाता है, तो केवल इसी आधार पर उसके खिलाफ तड़ीपार का आदेश कैसे जारी किया जा सकता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है।

आंधी-बारिश की वजह से AC की बिक्री में भारी गिरावट ये खबर भी पढ़े : आंधी-बारिश की वजह से AC की बिक्री में भारी गिरावट

क्या है पूरा मामला?

49 वर्षीय सईद अहमद अब्दुल वहीद चौधरी, जो सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (Socialist Democratic Party of India- SDPI) के महासचिव हैं, ने दिसंबर 2025 में मुंबई पुलिस द्वारा जारी एक साल के तड़ीपार आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि 2019 से 2024 के बीच उनके खिलाफ दर्ज कई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से जुड़ी थीं। इनमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), बाबरी मस्जिद और ज्ञानवापी मस्जिद जैसे मुद्दों पर आयोजित प्रदर्शन शामिल थे।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि उनके खिलाफ दर्ज अधिकांश मामले भारतीय दंड संहिता  की धारा 188 के तहत थे, जो सरकारी आदेश का उल्लंघन करने से संबंधित है और इसमें अधिकतम एक महीने की सजा का प्रावधान है। उनका तर्क था कि केवल ऐसे मामलों के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम  के तहत तड़ीपार जैसी कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि प्रदर्शन पुलिस की अनुमति के बिना किए गए थे और उनमें सरकार विरोधी नारे लगाए गए थे। इसलिए पुलिस ने कानून के अनुसार कार्रवाई की। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि याचिकाकर्ता की गतिविधियों से किसी व्यक्ति या संपत्ति को खतरा था या सार्वजनिक व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा।

कोर्ट ने क्या कहा?

अपने फैसले में न्यायमूर्ति जमदार ने कहा कि तड़ीपार का आदेश एक असाधारण कदम होता है, क्योंकि इससे किसी नागरिक के स्वतंत्र रूप से आने-जाने के मौलिक अधिकार पर असर पड़ता है। अदालत ने कहा कि केवल सरकार के कुछ फैसलों का विरोध करना या प्रदर्शन आयोजित करना तड़ीपार का आधार नहीं बन सकता। हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की कार्रवाई और कानून के अनुरूप नहीं माना तथा तड़ीपार आदेश को रद्द कर दिया।

लेखक के बारे में

Gargi Vishwakarma Picture

गर्गी विश्वकर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़ी हैं और डिजिटल डिप्टी चीफ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्पष्ट, तथ्यपरक और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करती हैं।

नवीनतम

प्रतापगढ़ में जाम का झाम, यातायात व्यवस्था धड़ाम

प्रतापगढ़। गुरुवार से शनिवार तक टेट की परीक्षा के चलते प्रतापगढ़ शहर में यातायात ब्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हजारों...
प्रतापगढ़ में जाम का झाम, यातायात व्यवस्था धड़ाम

सबसे ज्यादा कहां पैदा होता है नूरजहां मैंगो

नूरजहां आम : : आम को फलों का राजा कहा जाता है. देश में अलग-अलग वैरायटी के बहुत सारे आम...
खेती-बाड़ी 
सबसे ज्यादा कहां पैदा होता है नूरजहां मैंगो

 बुग्याल में खाई में बदल रहे घास के मैदान

उत्तरकाशी : उत्तरकाशी का विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता...
उत्तराखंड 
 बुग्याल में खाई में बदल रहे घास के मैदान

स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण 

नैनीताल:उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों पर संज्ञान लिया है।...
राज्य  उत्तराखंड 
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण 

उत्तर प्रदेश

गाजियाबाद में नाबालिग युवक ने छात्रा से किया दुष्कर्म

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में जनपद गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले दूसरे समुदाय के नाबालिग...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
 गाजियाबाद में नाबालिग युवक ने छात्रा से किया दुष्कर्म

“मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान शुरू,,मानकों का पालन न करने वाले स्कूल वाहनों पर कार्रवाई, 13 चालान और दो वाहन सीज

औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में शुक्रवार की सुबह स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन...
उत्तर प्रदेश 
 “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान शुरू,,मानकों का पालन न करने वाले स्कूल वाहनों पर कार्रवाई, 13 चालान और दो वाहन सीज