प्रतापगढ़ में जाम का झाम, यातायात व्यवस्था धड़ाम
प्रतापगढ़। गुरुवार से शनिवार तक टेट की परीक्षा के चलते प्रतापगढ़ शहर में यातायात ब्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। हजारों की संख्या में टेट की परीक्षा देने के लिए आए हुए अभ्यार्थियों से संख्या इस कदर ज़्यादा हो गई है कि शहर की सभी सड़कें दो पहिया, चार पहिया वाहनों से पट गईं हैं यहां तक कि राहगीरों को भी पैदल चलना दुरूह हो गया है। हजारों की संख्या में वाहनों की लाइन देख और तल्ख धूप से राहगीर पसीने से तर- बतर हो जाते हैं।इसी भीड़ में स्कूली वाहन एम्बुलेंस और ई रिक्शा भी बुरी तरह जाम में फंस जाते हैं जिसमें लगभग आधा से एक घंटा के बाद ही जाम से निजात मिल पाता है। शहर स्थित रोडवेज बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन अभ्यर्थियों से पटा हुआ था और उन अभ्यार्थियों को वापस घर जाने के लिए घण्टों रोडवेज़ बस, ट्रेनों और अन्य साधनों का इंतजार करना पड़ा।
शहर में प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन बाहर से आने वाले छात्र व छात्राओं एवं उनके परिजनों के वाहनों की पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होती है। यदि समय के साथ ब्यवस्था किया गया होता तो शहर घण्टों जाम के झाम से बच गया होता।
आज प्रतापगढ़ शहर में यातायात ब्यवस्था बेपटरी हुई तो जन सामान्य को बहुत दिक्कत हुई। किसी की ट्रेन छूटी तो कोई घर समय पर नहीं पहुँच पाया। किसी का दफ्तर छूट गया। यद्यपि सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा,सीओ ट्रैफिक अनिल कुमार राय ,यातायात प्रभारी मनोज कुमार यादव पूरी टीम के साथ सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत रहे परंतु भीड़ का रेला सभी सड़कों पर इस कदर बढ़ गया था कि ऐसी हालत में भीड़ को संभाल पाना मुश्किल हो जाता है।
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लेखक के बारे में
ब्रजेश त्रिपाठी को पत्रकारिता क्षेत्र में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन और संपादन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के व्यूरो प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं।
