विस्थापित मछुआरा समुदाय के लिए लगा विधिक सहायता शिविर, 20 मामलों का निस्तारण
रामनाथ सिंह
बिजनौर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विस्थापित, वनवासी और वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जनपद में विशेष विधिक सहायता एवं सशक्तीकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान की शुरुआत बिजनौर से की गई, जहां नवलपुर बैराज स्थित समग्र विद्यालय में विस्थापित मछुआरा समुदाय के लिए शिविर लगाकर उन्हें कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में सदस्य सचिव डॉ. मनु कालिया, जनपद न्यायाधीश संजय कुमार-7, जिलाधिकारी समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
ये खबर भी पढ़े : मूसलाधार बारिश से बदायूं बेहाल, सड़कें बनीं तालाब, कई घरों और दुकानों में घुसा पानी शिविर में प्रशासन और विस्थापित समुदाय के बीच सीधा संवाद कराया गया। ग्रामीणों को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान विशेष लोक अदालत लगाकर सुलह-समझौते के आधार पर 20 मामलों का निस्तारण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि शिविर में चिन्हित लाभार्थियों का 15 दिन के भीतर पंजीकरण कराकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही घासी वाला, हेमराज, चांदपुरा और धर्मनगरी कॉलोनियों में भी ऐसे शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
शिविर में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मेडिकल कैंप में 42 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां और चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। अधिकारियों ने इसे वंचित वर्गों को न्याय और अधिकार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
