मध्य प्रदेश: इंदौर-उज्जैन संभाग में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, आज 12 जिलों में अलर्ट
सतपुड़ा बांध के सात गेट मानसून में पहली बार खोले गए
भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय तीन मजबूत मानसूनी सिस्टम के असर से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश का दौर तेज हो गया है। अगले 48 घंटे तक मालवा-निमाड़ क्षेत्र, विशेषकर इंदौर और उज्जैन संभाग में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
आज शुक्रवार को 12 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में भी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार में अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं नीमच, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, खंडवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी.
नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है।
गुरुवार को भी भोपाल, उज्जैन, रतलाम, हरदा और खरगोन सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते सारणी स्थित सतपुड़ा बांध के सात गेट इस मानसून सीजन में पहली बार खोलने पड़े।
अब तक 15 फीसदी कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 14.7 इंच (373.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.2 इंच (438.3 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी।
यानी राज्य में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। प्रदेश के 47 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।
वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
