भोपाल में आज से दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, दो रूटों पर शुरू हुआ कमर्शियल संचालन
15 अगस्त को सेवा का औपचारिक लोकार्पण प्रस्तावित
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन के रूप में इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) का ट्रायल रन पूरा होने के बाद आज गुरुवार से कमर्शियल रन शुरू हो रहा है।
पहले चरण में दो रूटों पर 10 ई-बसों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों से वर्ष 2022 में तय किराया संरचना के अनुसार प्रति किलोमीटर डेढ़ रुपये और न्यूनतम सात रुपये किराया लिया जाएगा।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल 30 ई-बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसें पहले चरण में सड़कों पर उतरेंगी, जबकि अगले सप्ताह 10 और बसें नए रूटों पर शुरू करने की तैयारी है। निगम का लक्ष्य अगले एक महीने में 100 ई-बसों का संचालन शुरू करना है।
अधिकारियों ने बताया कि पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल को मिली बसों का 20 जुलाई से बिना यात्रियों के ट्रायल रन किया जा रहा था, जो पहले पांच दिन में पूरा होना था।
इसके बाद से ही शहरवासी इन बसों के यात्रियों के लिए शुरू होने को लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग न होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकीं थीं। अब टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसका जिम्मा चलो कंपनी को दिया गया है।
हालांकि, औपचारिक लोकार्पण 15 अगस्त को प्रस्तावित है, लेकिन आज से बसें शहर के विभिन्न स्टॉप पर यात्रियों के लिए रुकना शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में 10 बसों के साथ ई-बस सेवा की शुरुआत की जा रही है।
बीसीएलएल के अधिकारियों के अनुसार, दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। इसमें पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन से चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।
बीसीएलएल की सीईओ अंजू अरुण कुमार ने बताया कि ई-बसों का ट्रायल रन पूरा हो चुका है और सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच भी पूरी हो चुकी है। अब गुरुवार से ई-बसों का कमर्शियल रन हो जाएगा। अभी दो रूटों पर ही बसें चलाई जाएंगी।
गौरतलब है कि ई-बसों के संचालन के लिए आठ मई को मंजूरी मिल चुकी है। परिवहन विभाग के पास 26 रूटों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें से 12 रूट ई-बसों के लिए फाइनल किए गए हैं।
इसमें सबसे बड़ा रूट सीहोर से रातापानी तक का 68.5 किमी लंबा है। वहीं, सबसे छोटा रूट कोच फैक्ट्री से गोल-जोड़ तक है, जो 28 किमी का है।
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