हिमाचल में मानसून ने दी दस्तक, भूस्खलन से 35 सड़कें बंद, लाहौल-स्पीति यात्रा टालने की सलाह
शिमला। हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून बुधवार को पूरे राज्य में छा गया। राजधानी शिमला में सुबह से दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा, जबकि प्रदेश के अनेक हिस्सों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई। बारिश से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से पड़ रही गर्मी से भी लोगों को राहत मिली है।
मौसम विभाग के अनुसार 30 जून को मानसून प्रदेश के सात जिलों तक पहुंचा था और बुधवार को इसका विस्तार पूरे हिमाचल प्रदेश में हो गया। हालांकि मानसून की सक्रियता के साथ भूस्खलन, सड़क अवरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं।
बारिश और भूस्खलन से 35 सड़कें बंद, 127 ट्रांसफार्मर प्रभावित
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार बुधवार शाम तक प्रदेश में 35 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। इनमें कुल्लू जिले में सबसे अधिक 18 सड़कें, मंडी में 11 सड़कें तथा ऊना, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में दो-दो सड़कें बंद हैं।
बिजली व्यवस्था पर भी मौसम का असर पड़ा है। प्रदेश में 127 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। कुल्लू जिले में 86 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जबकि सोलन और सिरमौर में 12-12, मंडी में 11 और ऊना में पांच ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। राहत की बात यह है कि किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है। वहीं मंडी और शिमला जिले में एक-एक कच्चा मकान भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
लाहौल में बादल फटने के बाद प्रशासन सतर्क, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
मंगलवार रात लाहौल-स्पीति जिले के जिस्पा क्षेत्र में बादल फटने से एक नाले में अचानक बाढ़ आ गई थी। इससे कुछ समय के लिए लेह-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन फंस गए। बाद में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने मार्ग बहाल कर दिया।
इस बीच उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष किरण भड़ाना ने लोगों और पर्यटकों को सलाह दी है कि मानसून अवधि के दौरान अत्यंत आवश्यक होने पर ही लाहौल-स्पीति की यात्रा करें।
उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जिले में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना जताई है। लाहौल-स्पीति का संवेदनशील पर्वतीय भूगोल इसे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और बादल फटने जैसी घटनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।
उन्होंने यात्रियों से यात्रा से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस, सीमा सड़क संगठन, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियां किसी भी आपदा से निपटने के लिए लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक वाहनों की संख्या कम होने से किसानों और बागवानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
मानसून सीजन में छह मौतें, कई क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक मानसून सीजन के दौरान वर्षा जनित घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लोग घायल हुए हैं।
इनमें दो मौतें सड़क दुर्घटनाओं में, एक व्यक्ति की पहाड़ी से फिसलने से, एक की करंट लगने से और दो अन्य लोगों की अलग-अलग कारणों से मौत हुई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में 102.5 मिलीमीटर, घमरूर में 95.2 मिलीमीटर, गुलेर में 87.2 मिलीमीटर और पालमपुर में 74.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
चंबा के सलूनी में 68.2 मिलीमीटर, मंडी के जोगिंदरनगर में 48 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 44.5 मिलीमीटर और बरठीं में 37.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
देहरा गोपीपुर में 38.3 मिलीमीटर तथा सुजानपुर टीहरा में 36 मिलीमीटर वर्षा हुई। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हुई और तेज हवाएं भी चलीं।
कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने 2 और 3 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
4 जुलाई को येलो अलर्ट रहेगा। 5 जुलाई को मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना के चलते फिर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 जुलाई को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि 7 जुलाई को येलो अलर्ट रहेगा।
मौसम विभाग ने भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
