केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद की ओर से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन
15 हजार से अधिक लोगों ने किया योगाभ्यास
नई दिल्ली । केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरवाईएन) की ओर से 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। परिषद के मुख्यालय, अनुसंधान केंद्रों, समग्र उपचार केंद्रों तथा बाह्य चिकित्सा विभागों में आयोजित योग सत्रों में 15 हजार से अधिक लोगों ने भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
सीसीआरवाईएन मुख्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में परिषद की निदेशक डॉ. ज्योति केसवानी ने योग साधकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘योग 365’ अभियान को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनभर अपनाई जाने वाली ऐसी स्वस्थ परंपरा है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाती है।
डॉ. केसवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आयुष मंत्रालय ने योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ इसे साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य संवर्धन प्रणाली के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। योग आज न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में पहचाना जाता है, बल्कि विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से जीवनशैली से जुड़ी अनेक बीमारियों की रोकथाम संभव है। योग शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य से परिषद लोगों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके वैज्ञानिक पहलुओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीसीआरवाईएन के विभिन्न शोध संस्थानों में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। परिषद के केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (सीआरआईवाईएन) के रोहिणी (नई दिल्ली), देवरखाना, झज्जर (हरियाणा) तथा नागमंगला (कर्नाटक) स्थित केंद्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
विभिन्न केंद्रों पर आयोजित योग सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने योग के वैज्ञानिक महत्व, स्वास्थ्य लाभों तथा मानसिक तनाव को कम करने में इसकी भूमिका पर भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन स्थित आयुष वेलनेस सेंटर की ओर से भी विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रपति भवन परिसर के तीन अलग-अलग स्थलों के साथ-साथ आर्मी गार्ड बटालियन के लिए भी योग सत्र आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में राष्ट्रपति भवन में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक योगाभ्यास किया
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
