संसद परिसर विवाद को लेकर राहुल गांधी, पप्पू यादव व अवधेश प्रसाद पर एफआईआर की मांग
संसद परिसर में धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
नीरज अवस्थी
- बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में भाजपा ने राहुल गांधी, पप्पू यादव व अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर की मांग
नई दिल्ली। संसद परिसर में 31 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी विवाद और गहरा गया है। नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में दिल्ली भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त से मुलाकात कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव), सांसद अवधेश प्रसाद समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदू धार्मिक प्रतीकों और सनातन परंपरा का उपहास कर करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।
प्रतिनिधिमंडल में विधायक अनिल शर्मा, विधायक करनैल सिंह तथा अधिवक्ता संकेत गुप्ता भी शामिल थे। पुलिस को सौंपी गई शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में कहा गया है कि संसद के मकर द्वार के निकट हुए प्रदर्शन में भगवान श्रीराम और हिंदू आस्था से जुड़े प्रतीकों का राजनीतिक प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल किया गया, जो अस्वीकार्य है।
भाजपा नेताओं ने पुलिस को बताया कि घटना से जुड़े वीडियो, समाचार प्रसारण और सोशल मीडिया पर उपलब्ध दृश्य सार्वजनिक साक्ष्य हैं तथा इन्हें शिकायत के साथ संदर्भ के रूप में भी उपलब्ध कराया गया है। साथ ही सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित रखने की मांग की गई है ताकि जांच के दौरान कोई प्रमाण नष्ट न हो सके।

सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में हिंदू आस्था, सनातन संस्कृति, संत समाज और भारतीय परंपराओं का उपहास किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सभी को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है, लेकिन किसी भी धर्म की आस्था का मजाक उड़ाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा किसी भी धर्म की भावनाओं को आहत करने वाली घटनाओं पर कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
