सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट मामले में फैसला टला, नए जज सुनाएंगे निर्णय
1980 की मतदाता सूची में कथित तौर पर नाम जुड़वाने के मामले में एफआईआर की मांग
जज विशाल गोगने के तबादले के बाद मामला नए जज प्रशांत कुमार के पास
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने गुरुवार को 1980 में वोटर लिस्ट में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का कथित रुप से नाम जुड़वाने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग पर फैसला टाल दिया है। इस मामले की सुनवाई कर रहे जज विशाल गोगने का ट्रांसफर होने के बाद नये जज प्रशांत कुमार फैसला सुनाएंगे। कोर्ट ने 25 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
वकील विकास त्रिपाठी ने सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के खारिज करने के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। नौ दिसंबर, 2025 को कोर्ट ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।
इसके पहले 11 सितंबर को एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने याचिका खारिज कर दी थी। याचिका में कहा गया है कि वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम 1980 में ही जुड़ गया था, जबकि वो 1983 में भारत की नागरिक बनीं। याचिका में कहा गया है कि सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर लिस्ट में 1980 में ही जुड़ गया था, जबकि वे उस समय भारत की नागरिक भी नहीं थीं। बीच में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से 1982 में हटाया गया और बाद में 1983 में फिर नाम जोड़ा गया। सोनिया गांधी भारत की नागरिक 1983 में बनीं।
याचिका में कहा गया है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल, 1983 में दिया था। याचिका में कहा गया है कि जब सोनिया गांधी 1983 में भारतीय नागरिक बनीं तो 1980 में वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए कुछ फर्जी दस्तावेज दिए गए होंगे, जो एक संज्ञेय अपराध है। ऐसे में कोर्ट सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले पर न तो सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था और न ही दिल्ली पुलिस को।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
