उतरौला में शबेदारी के बाद निकला जुलूस-ए-इमाम-ए-हसन
मजलिस में इमाम हसन की शहादत और उनके पैगाम पर हुई तकरीर, अंजुमनों ने पेश किए कलाम
मोहम्मद अय्यूब
- कार्यक्रम में धार्मिक भावनाओं और आपसी भाईचारे का दिया संदेश
उतरौला(बलरामपुर)। बुधवार की रात उतरौला में अंजुमन-ए-क़मर बनी हाशिम के बैनर तले भव्य शबेदारी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। शबेदारी के दौरान मजलिस आयोजित की गई, जिसमें आली जनाब मौलाना सैयद जफर रिजवी छोलसी ने शिरकत कर इमाम हसन की शहादत और उनके जीवन व संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मौलाना सैयद जफर रिजवी ने इमाम हसन के पैगाम और उनकी कुर्बानी को याद करते हुए अकीदतमंदों को उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया। मजलिस के बाद विभिन्न अंजुमनों ने अपने कलाम पेश कर वाकियाते कर्बला की याद ताजा कर दी।
कार्यक्रम में अंजुमन हुसैन बनारस, अंजुमन-ए-तश्रालब जलालपुर, अंजुमन मासूमिया फैजाबाद और अंजुमन फनाफिल हुसैन बहराइच ने नौहाख्वानी एवं कलाम पेश किए। वहीं शायरों हसन बस्तवी साहब, रोशन बनारसी, सागर बनारसी, सलीम बलरामपुरी, विक्रम चंद्र शर्मा और मोहम्मद हसन आनंद के कलाम को भी लोगों ने खूब सराहा।
शबेदारी में कमेटी के सदस्यों फेहद रिजवी, शारीरिब रिजवी, राजा रिजवी, ईमान जाफरी, ताहा रिजवी, पैटन जाफरी, मिजान रिजवी, अंबर रिजवी, कुशाल रिजवी और एहसन जाफरी ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कमेटी की ओर से आए हुए जायरीनों के लिए चाय-नाश्ता, पानी और भोजन की व्यवस्था की गई तथा उनका इस्तकबाल किया गया।
शबेदारी के समापन के तत्काल बाद जुलूस-ए-इमाम-ए-हसन बरामद हुआ। जुलूस में हसनैन अली आबिदी, ऐमन रिजवी, फाहमीद, राजा राशिद रिजवी, अध्यक्ष अली मुर्तुजा, अली अब्बास, इंजीनियर अंसार हुसैन, जफर जाफरी और अनीस उतरौलवी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल रहे। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने पूरी अकीदत के साथ शिरकत की। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में धार्मिक भावनाओं और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
