आलू किसानों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
लखनऊ। उद्यान, कृषि विपणन एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने आलू विकास की नवीन योजनाओं—भामाशाह भाव स्थिरता कोष एवं शीतगृहों में भंडारण में छूट—का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। आलू की निकासी व्यवस्थित ढंग से होने से किसानों को अपने उत्पाद के विपणन के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे तथा उन्हें उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आलू किसानों को बेहतर बाजार एवं अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के लिए अन्य राज्यों में आलू के विपणन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।
दिनेश प्रताप सिंह ने हाफेड संस्था की कार्यप्रणाली को और अधिक गतिशील एवं लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्था की कार्यप्रणाली को बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत करे। जिससे किसानों को लाभ मिल सके। इस अवसर पर विशेष सचिव (उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग), निदेशक (उद्यान), संयुक्त निदेशक (उद्यान), संयुक्त निदेशक (शाकभाजी), संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
