धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की कमान, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया
नई दिल्ली। नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की नई जिम्मेदारी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी है। राष्ट्रपति भवन ने शनिवार शाम आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है और प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री की सलाह पर कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे, जबकि उनकी माता मालतीबाई गृहिणी थीं। साधारण परिवार से आने वाले प्रह्लाद जोशी ने प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल और हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली से बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री हासिल की।
कॉलेज जीवन के दौरान ही वे सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों से जुड़े और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ सक्रिय रूप से कार्य करने लगे। उन्होंने हुबली में एक छोटा औद्योगिक व्यवसाय भी संचालित किया।
राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी ने 1992-94 के दौरान हुबली के ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक में 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' का भी नेतृत्व किया। वर्ष 1998 में उन्हें भाजपा का धारवाड़ जिला अध्यक्ष बनाया गया।
साल 2004 में उन्होंने पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। इसके बाद वे 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज करते हुए पांच बार लोकसभा सांसद बने। वे 2014 से 2016 तक कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
कई अहम मंत्रालयों का अनुभव
प्रह्लाद जोशी इससे पहले संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में उनका प्रमुख लक्ष्य वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय एवं गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता विकसित करना तथा वर्ष 2070 तक भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करना है।
चुनौतीपूर्ण समय में मिली नई जिम्मेदारी
प्रह्लाद जोशी को ऐसे समय शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जब देश में नीट परीक्षा विवाद के बाद शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त सुरक्षा उपाय लागू करने और वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (Computer-Based Test) बनाने की दिशा में काम कर रही है।
नीट विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर में छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। प्रदर्शन के 35वें दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि उन्होंने देश-विरोधी ताकतों को स्थिति का लाभ उठाने से रोकने और शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि चार दशकों से अधिक समय तक उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए कार्य किया है तथा उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होती है।
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प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी के प्रवक्ताओं सौरभ दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में घोषणा की कि केंद्र सरकार द्वारा उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने सद्भावना के आधार पर अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया है।
अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि नए शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और एनटीए में प्रस्तावित बदलावों को किस गति से आगे बढ़ाते हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
