कारगिल विजय दिवस पर सीएम सरमा ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
सैनिकों के साहस और बलिदान को किया याद
- कारगिल वीरों का अमर बलिदान: राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत- सीएम सरमा
गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए युद्ध में शामिल सभी सैनिकों के साहस, शौर्य और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल भारत की सैन्य जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा का स्मरण कराने वाला ऐतिहासिक दिवस भी है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने संदेश में कहा कि कारगिल युद्ध के 27 वर्ष बाद भी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों का त्याग देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और अद्वितीय वीरता प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रगौरव की भावना को सदैव प्रज्ज्वलित रखेगी।
ये खबर भी पढ़े : रक्षा मंत्री राजनाथ ने ‘कारगिल युद्ध’ के नायकों को दी श्रद्धांजलि, शौर्य संध्या कार्यक्रम में हुए शामिलडॉ. सरमा ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके साहस और पराक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारतीय सैनिक किसी भी चुनौती का डटकर सामना करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों की वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों को भी मातृभूमि की सेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों तथा युद्ध में शामिल सभी वीर सैनिकों को सादर नमन करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके अतुलनीय योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूरा देश अपने वीर जवानों के शौर्य, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
