शिव महापुराण कथा के अवसर पर "आभा " एवं "शिवार्चन पद्धति" नामक पुस्तकों का विमोचन हुआ
फिरोजाबाद, श्री राम चन्द्र पालीवाल ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित छठवें दिन के श्री शिव महापुराण एवं रूद्रमहायज्ञ का आयोजन का शुभारम्भ आज बुधवार को आई ऍम ए अध्यक्ष डॉ जलज गुप्ता, सचिव डॉ विनोद अग्रवाल, डॉ देवेंद्र शास्त्री,यज्ञपति नीरज जिंदल श्रीमती शिल्पा जिंदल, प्रधान यजमान राकेश गोयल, श्रीमती मीरा गोयल एवं समिति के पदाधिकारीयों विनोद चतुर्वेदी, दीपक अग्रवाल एल आई सी, पवन अग्रवाल, विक्की अग्रवाल, प्रशांत अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, भोलेश्वर दीक्षित,ब्रम्हानंद यादव माधव डेरी, गौरव गोयल ने माँ सरस्वती व व्यास गद्दी एवं भागवत जी का पूजन कर किया
इसके उपरांत प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बन्धुओं का सम्मान प्रणव पुरी महाराज व आयोजन समिति द्वारा किया गया।
कथा के छठवें दिन की कथा में प्रणवपूरी महाराज के श्रीमुख से
कल शिव-पार्वती विवाह प्रसंग जहाँ विश्राम हुआ था, वहीं से आज की पावन कथा का शुभारम्भ हुआ।
कथा व्यास ने बताया कि तारकासुर के अत्याचार से जब सभी देवता त्रस्त हो गये। तब तारकासुर के वध के लिए भगवान शिव और माता पार्वती के तेज से कार्तिकेय जी का दिव्य जन्म हुआ। छह कृतिकाओं द्वारा पालन-पोषण होने से उनका नाम कार्तिकेय पड़ा। आगे चलकर बाल्यावस्था में ही उन्होंने महापराक्रमी तारकासुर का वध कर देवताओं को भयमुक्त किया।
इसके पश्चात कथा में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी के जन्म का मनमोहक वर्णन किया गया। माता पार्वती ने अपने उबटन से एक बालक की रचना की और उन्हें द्वारपाल के रूप में नियुक्त किया। जब भगवान शिव आये तो बालक ने उन्हें रोक दिया। क्रोधवश भगवान शिव ने उनका मस्तक धड़ से अलग कर दिया। माता पार्वती के विलाप करने पर भगवान शिव ने गज के मस्तक को जोड़कर उन्हें पुनः जीवित किया और प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया।
कथा के अंतिम पड़ाव में भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर और अन्य दैत्यों के वध का वर्णन किया गया, जिसमें बताया गया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भोलेनाथ दुष्टों का संहार कर धर्म की स्थापना करते हैं।
कथा के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ आज की कथा को विश्राम दिया गया।
समिति के पदाधिकारी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि कल समापन दिवस और प्रसादी के कारण सतावे दिन की कथा 2 बजे से प्रारम्भ होगी।
वही कथा समापन से पूर्व वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद प. हरिकिशोर दीक्षित के व्यक्तिव कृतित्व पर आधारित "आभा "नामक एवं "शिवार्चन पद्धति" नामक पुस्तकों का विमोचन विधायक मनीष असीजा, डॉ गणेश शर्मा, डॉ एस पी एस चौहान, ओंकारनाथ विज, प्रवीन अग्रवाल एवं अनुप चंद्र जैन आदि द्वारा किया गया।
कथा के आयोजकों द्वारा बताया गया,कल दिन गुरुवार कथा को विश्राम दिया जायेगा ,माता बहिन जिन्होंने कलश उठाये थे, वो अपने कलश भी प्राप्त करलें।
आज कथा में भाग लेने वाले भक्तजनों में, ब्रजेश यादव, राजेश दुबे आदर्श, गौरव गोयल, राकेश अग्रवाल नवरंग, मोहन जिंदल, , हनुमान प्रसाद गर्ग, ओम प्रकाश शर्मा, नितिन अग्रवाल, अमित जैन, पवन अग्रवाल, हरिओम वर्मा, आदि उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
