भारतीय संस्कृति के संरक्षण का राष्ट्रव्यापी अभियान, हर सनातनी का दायित्व : विनोद
गोरक्षनाथ सनातन संघ ने गोरखपुर में आयोजित शास्त्रीय संगीत महोत्सव का किया भव्य स्वागत
गोरखपुर(सुधाकर त्रिपाठी की रिपोर्ट )।भारत की सनातन संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि विश्व मानवता को सत्य, शांति, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक समरसता का मार्ग दिखाने वाली अमूल्य धरोहर है। इसी गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से गोरखपुर के योगी गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने जा रहे भव्य भारतीय शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का गोरक्षनाथ सनातन संघ ने हृदय से स्वागत करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है।
गोरक्षनाथ सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत केवल कला नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों की तपस्या, भारतीय दर्शन और सनातन संस्कृति की आत्मा है। जिस राष्ट्र की संस्कृति जीवित रहती है, वही राष्ट्र विश्व का नेतृत्व करता है। इसलिए प्रत्येक भारतीय का यह परम कर्तव्य है कि वह अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय योगदान दे।
उन्होंने कहा कि एस. एस. पाण्डेय (समन्वयक, कार्यक्रम – गोरखपुर) द्वारा बच्चों में शिक्षा, संस्कार, आत्मविश्वास एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। संघ इस पुनीत आयोजन की भूरि-भूरि सराहना करता है।
इस अवसर पर आयोजकों ने गोरक्षनाथ सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार त्रिपाठी को कार्यक्रम में मुख्य संयोजक के रूप में आमंत्रित करते हुए विनम्र निवेदन किया है कि वे अपनी गरिमामयी उपस्थिति, आशीर्वचन एवं मार्गदर्शन से विद्यार्थियों, कलाकारों और समाज को प्रेरित करें। आयोजकों का विश्वास है कि उनका राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व बच्चों में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कारों की नई चेतना का संचार करेगा।
गोरक्षनाथ सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार त्रिपाठी जी ने कहा कि आज जब पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है, तब भारतीय शास्त्रीय संगीत, योग, वेद, उपनिषद, भारतीय ज्ञान-विज्ञान और सनातन जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे आयोजन राष्ट्र की सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त करते हैं तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि गोरक्षनाथ सनातन संघ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के प्रत्येक अभियान में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। संगठन का संकल्प है कि भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए जनजागरण का अभियान निरंतर चलता रहेगा।
अंत में कार्यक्रम में शामिल भारी संख्या में गोरक्षनाथ सनातन संघ के पदाधिकारीयो ने कार्यक्रम के आयोजकों, सभी कलाकारों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम बनेगा तथा समाज में राष्ट्रप्रेम, संस्कार और सांस्कृतिक गौरव की भावना को और अधिक प्रबल करेगा।
इस अवसर पर बाहर से आये विश्व प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी और विभिन्न विद्यालयों से आये बच्चों, शिक्षकों व गणमान्य लोगों के कर्तल ध्वनि से उत्साह बर्धन किया।यह कार्यक्रम दिल्ली की बेनू संस्था की अध्यक्ष श्रीमती पद्मजा चक्रवर्ती के द्वारा संचालित था।जिसे Matrix Freight System Pvt.Ltd दिल्ली द्वारा CSR के तहत फंडिंग किया गया था।इस अवसर के मुख्य अतिथि पद्मश्री सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक रामचेत चौधरी थे।तथा गोरखपुर की भूतपूर्व महापौर विशेष अतिथि थीं। कार्यक्रम के मुख्य कलाकार श्अर्घ्य चक्रवर्ती, पंडित रितेश मिश्रा, सुमित मिश्रा, पंडित विजय शंकर मिश्रा, सिद्धार्थ चक्रवर्ती,पं संतोष कुमार नाहर व राजकुमार नाहर थे।मंच का सफल संचालन श्रीमती पलक श्रीवास्तव व पंडित विजय शंकर मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों से भारत के पुरातन संस्कृति के संरक्षण व विकास का शपथ दिलाया गया।बाद में बेनू संस्था के इस कार्यक्रम के कोआर्डिनेटर श्री शिवशंकर पाण्डेय द्वारा सभी बच्चों,शिक्षक, मुख्य अतिथि व कलाकारों,तथा दूरदर्शन, अन्य मिडिया व जी डी ए प्रेक्षागृह के कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किये।अंत में राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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पत्रकारिता में 33 वर्षों का अनुभव रखने वाले संजय श्रीवास्तव वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के गोरखपुर ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय और प्रशासनिक मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग के साथ वह निरंतर समाचार कवरेज करते हैं।
