जंतर-मंतर: पुलिस ने सब तोड़ दिया फिर भी हौसला, छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी
कई घायल छात्रों को RML अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ पुलिसकर्मी भी घायल
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को पुलिस कार्रवाई के बावजूद नहीं थमा। दिन में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज में कई छात्र और सुरक्षाकर्मी घायल हुए। जंतर मंतर का मंच क्षतिग्रस्त हो गया और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। इसके बावजूद रात होते-होते आंदोलन ने फिर रफ्तार पकड़ ली। सैकड़ों की संख्या में छात्र दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए और पूरी रात धरना-प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हटाने के लिए लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्रों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।
ये खबर भी पढ़े : राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच तेज, 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी SITकई घायल इलाज के बाद फिर आंदोलन स्थल पर लौट आए और प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन करने वाले छात्रों का आरोप है कि पुलिस लाठीचार्ज के बाद जंतर मंतर के मंच को तोड़ दिया गया।
लेकिन बैठने की जगह वहां थी, जिसके बाद शाम होते ही जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ गई।
हालांकि, केरल भवन के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए और लोगों की एंट्री पर लोग लगा दी। लेकिन रात नौ बजने के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ गई।
तेज बारिश और अंधेरे के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन
करीब 10 बजे मौसम ने भी प्रदर्शनकारियों की परीक्षा ली। तेज बारिश हो रही थी। जंतर मंतर पर बिजली नहीं थी। अंधेरा छा जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर नारेबाजी जारी रखी। बारिश से भीगी जमीन पर बैठकर छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। रात गहराने के साथ आंदोलन का स्वर और तेज हो गया। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। अभिजीत दीपके समेत कई पदाधिकारी पूरी रात जंतर-मंतर पर डटे रहे और प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते रहे।
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