पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत: हरदीप पुरी
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक कच्चे तेल बाजार में संभावित अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
पुरी ने कहा कि पिछले कई महीनों में भारत ने वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का सफलतापूर्वक सामना किया है और आगे भी यही रणनीति जारी रहेगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आता है, तो सरकार स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि भारत की लगभग 7 प्रतिशत एलपीजी और करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है। इसके बावजूद देश ने तेल और गैस की आपूर्ति के लिए कई वैकल्पिक स्रोत विकसित किए हैं, जिससे किसी संभावित व्यवधान का असर सीमित रहेगा।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण, जैव ईंधन, सौर ऊर्जा और घरेलू तेल-गैस उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार की 'समुद्र मंथन' पहल के तहत नए तेल और गैस कुओं की ड्रिलिंग तथा घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 90,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ईंधन कीमतों के मुद्दे पर पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें चार साल पहले की तुलना में अभी भी कम हैं।
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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
