दिल्ली के नए मेयर प्रवेश वाही: संगठन से सत्ता तक का सफर, स्वच्छ बनाने की बड़ी चुनौती

अब दिल्ली को स्वच्छ और आधुनिक बनाने की चुनौती

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नीरज अवस्थी

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की राजनीति में एक नया अध्याय तब शुरू हुआ जब भाजपा के वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया महापौर चुना गया। रोहिणी ईस्ट वार्ड से तीन बार पार्षद रह चुके प्रवेश वाही ने लंबे संगठनात्मक अनुभव और जमीनी राजनीति के दम पर राजधानी की सबसे महत्वपूर्ण नगर निकाय की कमान संभाली है।

प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर किसी अचानक मिली सफलता की कहानी नहीं है। पुरानी दिल्ली के एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने वर्षों तक सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ाव ने उन्हें जनसेवा की राजनीति का अनुभव दिया। बाद में भारतीय जनता पार्टी में विभिन्न दायित्व निभाते हुए उन्होंने नगर निगम की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई।

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नगर निगम में नेता सदन और स्थायी समिति जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए प्रवेश वाही ने स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, सड़क एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। निगम का बजट प्रस्तुत करते समय उन्होंने दिल्ली को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक बनाने का विजन सामने रखा था।

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महापौर बनने के बाद प्रवेश वाही ने साफ कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में दिल्ली की सफाई व्यवस्था को मजबूत करना, लैंडफिल साइटों के बोझ को कम करना, कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को आधुनिक बनाना और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करना शामिल होगा। उन्होंने राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प भी दोहराया।

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दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ों को कम करना भी उनकी प्राथमिकताओं में है। नगर निगम पहले से इन स्थलों के वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्विकास की दिशा में कार्य कर रहा है, जिसे नई गति देने की जिम्मेदारी अब महापौर प्रवेश वाही के कंधों पर है।

प्रवेश वाही ने केवल घोषणाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा। पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वे स्वयं मेट्रो से कार्यालय पहुंचते नजर आए, जिससे निगम कर्मचारियों और नागरिकों को भी सकारात्मक संदेश मिला।

हाल ही में मालवीय नगर में हुई आग की घटना के बाद उन्होंने उच्चस्तरीय जांच के आदेश देकर यह संकेत भी दिया कि नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर उनकी विशेष नजर रहेगी। आज जब दिल्ली स्वच्छता, प्रदूषण, ट्रैफिक और कचरा प्रबंधन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब महापौर प्रवेश वाही के सामने केवल निगम का संचालन ही नहीं बल्कि राजधानी के नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की भी बड़ी जिम्मेदारी है। संगठन के कार्यकर्ता से दिल्ली के प्रथम नागरिक बनने तक का उनका सफर पूरा हो चुका है, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू हुई है।

लेखक के बारे में

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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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