राष्ट्रपति मुर्मू से मिले सेना प्रमुख, आधुनिक और आत्मनिर्भर सेना पर जोर
नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति एवं तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उनकी पत्नी कोमल सेठ भी मौजूद रहीं। सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति से यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात रही, जिसे सैन्य नेतृत्व और राष्ट्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद के बीच स्थापित परंपरागत संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रपति का अभिवादन किया। यह भेंट भारतीय सेना और राष्ट्रपति भवन के बीच संस्थागत संबंधों तथा सैन्य परंपराओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राष्ट्रपति, भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की सर्वोच्च कमांडर हैं और समय-समय पर सैन्य नेतृत्व के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा तैयारियों से जुड़े विषयों पर संवाद करती रही हैं।
ये खबर भी पढ़े : लखनऊ प्लांट शुरू होते ही ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन में 20% बढ़ोतरी, निर्यात को मिलेगी नई रफ्तारबख्तरबंद कोर से आने वाले जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख का कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह उप-थलसेना प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वदेशी रक्षा उत्पादन और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की प्राथमिकता तय की है।
इससे पहले 2 जुलाई को जनरल धीरज सेठ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी शिष्टाचार भेंट की थी। उन्होंने अपने विजन 'विजय' के तहत तकनीक-सक्षम, आत्मनिर्भर और संयुक्त सैन्य क्षमता वाली भारतीय सेना के निर्माण का लक्ष्य रखा है, जबकि उनका मार्गदर्शक मंत्र 'जय से विजय' है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
