एयर मार्शल तेजिंदर सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ
तीनों सेनाओं के बेहतर समन्वय और संयुक्त युद्धक क्षमता को मिलेगी मजबूती
नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र बलों में संयुक्त सैन्य संचालन को नई मजबूती देते हुए एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने बुधवार को चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ टू चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) का पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और तीनों सेनाओं की संयुक्त टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले एयर मार्शल तेजिंदर सिंह को 13 जून 1987 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन मिला था। वे श्रेणी ह्यएह्ण के फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर हैं और उनके नाम 4,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव दर्ज है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। अपने करियर में उन्होंने लड़ाकू स्क्वाड्रन, रडार स्टेशन और प्रमुख एयरबेस का नेतृत्व किया।
जम्मू-कश्मीर में एयर ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वायुसेना मुख्यालय और एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय में योजना, कार्मिक प्रबंधन, एयरोस्पेस सुरक्षा और सैन्य रणनीति से जुड़े कई अहम पदों पर भी सेवाएं दीं। वर्तमान नियुक्ति से पहले वे दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान के एयर आॅफिसर कमांडिंग-इन-चीफ थे।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वायु सेना पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके व्यापक परिचालन अनुभव और रणनीतिक नेतृत्व से तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त युद्धक क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। संयुक्त थिएटर कमांड और आधुनिक युद्धक व्यवस्था की दिशा में उनकी नियुक्ति को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
