नेपाल प्रधानमंत्री के बयान को लेकर राष्ट्रीय सभा में विपक्षी सदस्यों का हंगामा
काठमांडू । नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के हालिया बयान के खिलाफ संसद के उच्च सदन राष्ट्रीय सभा में बुधवार को भी विपक्षी दलों के सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और प्रधानमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई।
प्रधानमंत्री शाह ने रविवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में नेपाल-भारत सीमा विवाद पर कहा था कि इस मुद्दे का समाधान कूटनीतिक वार्ता और संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा था, “आप लोगों को यह बात आश्चर्यजनक लग सकती है। मुझे भी प्रधानमंत्री बनने के बाद ही पता चला कि केवल भारत ने ही नेपाल की जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है बल्कि नेपाल ने भी कई स्थानों पर भारत की जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है।”
प्रधानमंत्री के इसी बयान का विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रकार की टिप्पणी राष्ट्रीय हित और संवेदनशील सीमा मुद्दों से जुड़ी स्थापित सरकारी धारणा के विपरीत है।
विपक्षी दलों के विरोध के कारण राष्ट्रीय सभा की पिछली दो बैठकों में भी कार्यसूची पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी थी। आज भी हंगामे के चलते सदन का वातावरण तनावपूर्ण बना रहा और संसदीय कार्य प्रभावित हुआ।
नेपाल-भारत सीमा से जुड़े विषय को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं, जिसके चलते संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
