उन्नाव: बिना फायर एनओसी के संकरी गलियों में चल रही दर्जनों कोचिंग सेंटर
आग लगने पर दमकल वाहन पहुंचना भी मुश्किल, फिर भी नहीं हो रही जांच
बेसमेंट और रिहायशी भवनों में चल रही कक्षाएं, सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल
फायर एनओसी, स्वीकृत नक्शा और आपात निकास व्यवस्था पर नहीं हो रही निगरानी
दिल्ली और लखनऊ की घटनाओं से नहीं ले रहे सबक,
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उन्नाव। दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेश भर में फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। फायर अधिकारियों द्वारा बैठकें कर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्नाव में इन निर्देशों का असर दिखाई नहीं दे रहा है। शहर के कई इलाकों में बिना फायर एनओसी, बिना स्वीकृत नक्शे और बिना आवश्यक सुरक्षा इंतजामों के कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
हादसों के बाद भी नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई
दिल्ली में आग की घटना में कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया। प्रशासनिक स्तर पर कोचिग सेटर में आग की घटना से 15 लोगों की मौत और नौ बच्चों के घायल होने की बात सामने आई है। इन घटनाओं के बाद उम्मीद थी कि जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच होगी, लेकिन उन्नाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
पन्नालाल पार्क से स्टेशन रोड तक नियमों की अनदेखी
शहर के पन्नालाल पार्क, स्टेशन रोड, मोती नगर और कल्याणी देवी क्षेत्र सहित कई स्थानों पर बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई संस्थान घरों, दुकानों और बेसमेंट में चल रहे हैं। कुछ कोचिंग ऐसे क्षेत्रों में संचालित हैं जहां गलियां इतनी संकरी हैं कि चार पहिया वाहन तक आसानी से नहीं पहुंच सकते। ऐसे में आग जैसी आपात स्थिति होने पर दमकल वाहनों के पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना एनओसी और स्वीकृत नक्शे के संचालन के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पन्नालाल पार्क क्षेत्र में संचालित फीनिक्स एकेडमी, दिशा एकेडमी, ग्लोबल इन्फोटेक, माइंडसेट सहित कई कोचिंग संस्थानों के पास न तो फायर विभाग की एनओसी है और न ही उन्नाव विकास प्राधिकरण (यूडीए) से भवन का स्वीकृत नक्शा। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से आवश्यक अनुमतियों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद इन संस्थानों का संचालन जारी है।
कानपुर में कार्रवाई, उन्नाव में खामोशी
लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर में फायर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली कई इमारतों और संस्थानों पर कार्रवाई की गई। वहीं उन्नाव में अब तक किसी बड़े अभियान या व्यापक जांच की जानकारी सामने नहीं आई है। इससे जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या कहते हैं नियम
विशेषज्ञों के अनुसार अधिक संख्या में लोगों की आवाजाही वाले संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था तथा संबंधित विभागों की आवश्यक स्वीकृतियां होना जरूरी है। इन मानकों का पालन न होने पर दुर्घटना की स्थिति में जनहानि का खतरा बढ़ जाता है।
अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं कि वे शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करते हैं या नहीं। मामले को लेकर जब जिला अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह को फोन मिलाया गया तो उनका फोन नहीं उठा।
क्या बोले डीआईओएस ?
मामले में जब डीआईओएस सुनील दत्त से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा पूर्व में सभी कोचिंगो को नोटिस जारी किया गया था। मानक के अनुसार उनका रिन्यूअल कराने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन मेरे समय में किसी न तो रिन्यूअल कराया है, ना ही कोचिंग चलाने की मान्यता ली है। जल्द ही टीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा कार्यवाही की जाएगी।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
