गोवंश संरक्षण व्यवस्था को धता बता रहे जिम्मेदार, सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंश
सहजनी से पिंडोरवा मार्ग पर शाम ढलते ही सड़क पर बैठ जाते हैं मवेशी, ग्रामीणों ने जताई हादसों की आशंका
उन्नाव। सदर तहसील क्षेत्र के पिंडोरवा गांव के निकट सहजनी मार्ग पर निराश्रित गोवंशों की समस्या लगातार बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सहजनी से लेकर आसपास के कई गांवों के बीच सड़क पर बड़ी संख्या में गौवंश बैठे रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों के अनुसार शाम होते ही गोवंश सड़क पर आकर बैठ जाते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गोवंश संरक्षण की जिम्मेदारी संभाल रहे नोडल प्रभारी डॉ. हरिओम पटेल इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारी प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं, इसके बावजूद सड़कों पर घूम रहे और बैठे निराश्रित गोवंशों की समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित निराश्रित गोवंश संरक्षण की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य गोवंशों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है, लेकिन क्षेत्र में इसके विपरीत स्थिति देखने को मिल रही है। कई गौवंश खुले में भूखे-प्यासे घूमते नजर आते हैं और सड़क पर बैठकर दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों को तत्काल गौशालाओं में पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
