इस स्प्रे से फलों के राजा आम से भर जाएगा बाग

Published By Subhash Pandey
On
Subhash Pandey Picture

आम के पेड़ : अप्रैल का महीना आते ही गर्मी की शुरुआत हो जाती है और इसी के साथ फलों के राजा यानी आम की मांग भी तेजी से बढ़ने लगती है. बाजार से लेकर घर तक हर जगह आम की चर्चा शुरू हो जाती है. जहां एक तरफ मांग बढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी हो जाती है. आम के पेड़ों पर फूल यानी (बौर) और छोटे फल आने के बाद वे बहुत ज्यादा झड़ जाते हैं, जिसकी वजह से पैदावार कम हो जाती है.

यह समस्या दो तरह की होती है एक तो प्राकृतिक, जिसमें पेड़ अपनी क्षमता के हिसाब से फल गिराता है और दूसरी हार्मोन की कमी. ऐसे में अगर सही समय पर सही उपाय किया जाए तो पेड़ों को फलों से भरना मुश्किल नहीं है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

अवकाश पर कर्मचारियों-इंजीनियरों को ड्यूटी पर बुलाना अनुचित: संघर्ष समिति  ये खबर भी पढ़े : अवकाश पर कर्मचारियों-इंजीनियरों को ड्यूटी पर बुलाना अनुचित: संघर्ष समिति

फल गिरने के पीछे का मुख्य कारण
कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार, आम के फलों के गिरने के पीछे कई कारण होते हैं, जैसे पेड़ अपनी टहनियों को टूटने से बचाने के लिए कुछ फलों को खुद ही गिरा देता है, क्योंकि वह उनका बोझ नहीं उठा पाता, ऐसे में कुछ फल प्राकृतिक रूप से गिर जाते हैं. इसके अलावा अगर फल बहुत ज्यादा संख्या में गिर रहे हैं तो इसका मतलब है कि पेड़ में पोषक तत्वों और हार्मोन की कमी हो गई है. साथ ही जब तापमान अधिक बढ़ जाता है, तो पेड़ के अंदर एथिलीन नाम का हार्मोन सक्रिय हो जाता है. यह हार्मोन पेड़ को संकेत देता है कि परिस्थितियां कठिन हैं, इसलिए वह अपनी ऊर्जा बचाने के लिए छोटे फलों को गिरा देता है. इसी वजह से बौर आने के बाद भी बड़ी संख्या में फल जमीन पर गिर जाते हैं.

इस खास स्प्रे से मिलेगा समाधान
अगर आपके बाग में आम के टूटने की समस्या तेजी से बढ़ रही है तो इसे हार्मोनल इलाज से कंट्रोल किया जा सकता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि आम के फलों को गिरने से रोकने के लिए प्लैनोफिक्स जैसे हार्मोन स्प्रे का उपयोग किया जाता है. यह स्प्रे पेड़ के अंदर हार्मोन का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और फलों को डंठल से मजबूती से जोड़ कर रखता है. सही मात्रा और सही समय पर इसका छिड़काव करने से फल गिरने की समस्या काफी कम हो जाती है और पेड़ पर ज्यादा फल टिके रहते हैं. इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ फलों का आकार भी बेहतर होता है.

स्प्रे करने का सही तरीका और समय
जानकारों के अनुसार, स्प्रे का असर तभी अच्छा होता है जब इसे सही समय पर किया जाए. आमतौर पर जब पेड़ पर छोटे फल बनने लगते हैं, उसी समय पहला छिड़काव करना चाहिए. इसके बाद जरूरत के अनुसार दोबारा स्प्रे किया जा सकता है. ध्यान रखने वाली बात यह है कि दवा की मात्रा संतुलित हो और मौसम बहुत ज्यादा गर्म या बारिश वाला न हो. साथ ही सही तकनीक अपनाने से कुछ ही दिनों में सकारात्मक असर देखने को मिलता है.

लेखक के बारे में

Subhash Pandey Picture

सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।

नवीनतम

चीन और भारत के बीच क्यों खास है ये हाई लेवल मीटिंग?

बीजिंग : भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर कूटनीतिक स्तर पर...
अंतर्राष्ट्रीय 
चीन और भारत के बीच क्यों खास है ये हाई लेवल मीटिंग?

बच्चों में कैंसर क्यों होता है इसके लक्षण क्या होता है?

बच्चों में कैंसर : कैंसर तेजी से फैलने वाली बीमारी बन चुकी है। बड़े ही नहीं बच्चे भी इसकी चपेट...
नारी व बाल जगत 
बच्चों में कैंसर क्यों होता है इसके लक्षण क्या होता है?

मौसम 24 अगस्त: आज 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली।   देश में मानसून के आक्रामक प्रहार के बीच मौसम विभाग ने एक मुश्किल भरा अलर्ट जारी कर बंगाल...
राष्ट्रीय 
मौसम 24 अगस्त: आज 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

आज का राशिफल : 24 अगस्त, 2026 इनको ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा

मेष- आपके पूंजीगत निवेशों से भी लाभ होगा। पारिवारिक उत्तरदायित्व अधिक रहेंगे। पदोन्नति मिलने का योग हैं। आमदनी में...
धर्म-आध्यात्म 
आज का राशिफल : 24 अगस्त, 2026 इनको ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा

शिक्षिका नैना आनंद की जहरीला पदार्थ खाने से दर्दनाक मौत, पति को फोन कर कहा था कि वह मर रही हैं

नैना आनंद दून इंटरनेशनल स्कूल में सामाजिक अध्ययन की शिक्षिका थीं
उत्तर प्रदेश 
शिक्षिका नैना आनंद की जहरीला पदार्थ खाने से दर्दनाक मौत, पति को फोन कर कहा था कि वह मर रही हैं

उत्तर प्रदेश

शिक्षिका नैना आनंद की जहरीला पदार्थ खाने से दर्दनाक मौत, पति को फोन कर कहा था कि वह मर रही हैं

नैना आनंद दून इंटरनेशनल स्कूल में सामाजिक अध्ययन की शिक्षिका थीं
उत्तर प्रदेश 
शिक्षिका नैना आनंद की जहरीला पदार्थ खाने से दर्दनाक मौत, पति को फोन कर कहा था कि वह मर रही हैं

जौनपुर में 8,325 रसोइयों को बढ़ा मानदेय, मिलेंगे कैशलेस कार्ड

जौनपुर। पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन राविवार...
उत्तर प्रदेश 
जौनपुर में 8,325 रसोइयों को बढ़ा मानदेय, मिलेंगे कैशलेस कार्ड

मीरजापुर : गड्डे में युवक का और गंगा में उतराता मिला महिला का शव

मीरजापुर। चुनार कोतवाली क्षेत्र में रविवार को अलग-अलग स्थानों पर दो अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। रेलवे ओवरब्रिज...
उत्तर प्रदेश 
मीरजापुर : गड्डे में युवक का और गंगा में उतराता मिला महिला का शव

जौनपुर में तेज रफ्तार बोलेरो ने दंपति को कुचला, दोनों की मौत

जौनपुर। यूपी के जौनपुर में बदलापुर थाना क्षेत्र के कालिंजरा मोड़ के पास रविवार देर शाम को तेज रफ्तार बोलेरो...
उत्तर प्रदेश 
जौनपुर में तेज रफ्तार बोलेरो ने दंपति को कुचला, दोनों की मौत