बलरामपुर जिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर एक मरीज से वसूल रहे 40 हजार !
-पैसा देने पर असक्षम होने पर एक मरीज को करवाना पड़ा रेफर
बलरामपुर निदेशक बोले किसी भी -ऑपरेशन का सरकारी रसीद के अलावा कोई पैसा नहीं लगता,मामले में होगी जांच
लखनऊ। राजधानी के बलरामपुर अस्पताल में ईलाज करवाने पहुंच रहे मरीजों से डॉक्टरों द्वारा धन उगाही किए जाने का आरोप लगा है। यही नहीं मरीजों को ओटी से वार्ड में शिफ्ट करने वाले कर्मचारी भी प्रत्येक मरीज दो सौ से पांच सौ तक वसूल कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सर्जरी वार्ड की नई बिल्डिंग में वार्ड नम्बर 22 में भर्ती एक मरीज को डाक्टरों ने ऑपरेशन का सामान बाहर से लाने के नाम से 50 हजार की रकम मांग ली। मरीज के साथ आए तीमारदार ने पैसा दे पाने में असमर्थता जताई। साथ ही मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर कर देने की बात कही। जिसके बाद बिना ईलाज कराए ही तीमारदार अपने मरीज को लेकर चला गया।
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जानकारी में मुताबिक बलरामपुर जिले में धन उगाही का खेल न्यू सर्जिकल वार्ड की ओटी से चल रहा है। आरोप है कि डॉक्टर ऑपरेशन का लम्बा खर्चा बताकर प्रत्येक मरीज से बड़े ऑपरेशन के लिए 40 से 50 हजार और छोटे ऑपरेशन के लिए 5 से 10 हजार की वसूली कर रहे हैं। मरीज के साथ आए तीमारोदारों ने बताया कि डॉक्टर दवाई और सर्जिकल सामान का खर्चा बताकर रुपए मांगते हैं। वहीं ऑपरेशन की फीस 400 से 900 की बीच होती है। जिसे ओपीडी के 7 नम्बर काउंटर पर जमा कराना होता है। जिसके बाद गुलाबी और पीली पर्ची मिलती है।
पीली पर्ची डॉक्टर जमा कर लेते हैं,जबकि गुलाबी पर्ची तीमारदार के पास रहती है। बुधवार को डॉक्टर रोहित कुमार और डॉ सुनील यादव ने कई मरीजों का ऑपरेशन किया। बुधवार आपरेशन के लिए लखनऊ के हुसैनाबाद से आए एक तीमारदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके मरीज को हाइड्रोसील की समस्या थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के नाम पर उनसे तीन हजार लिए जिसकी कोई रसीद तक नहीं दी। अमीनाबाद के रहने वाले एक तीमारदार ने बताया कि उनकी 53 वर्षीय माता का पैर का ऑपरेशन होना था। पैर में प्लेट पड़नी थी डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए 40 हजार रुपए जमा कराने के बाद ऑपरेशन किया।
वहीं सीतापुर जिले के बिसवाँ से आए एक तीमारदार ने बताया कि उनके पति का कंधा फैक्चर हुआ था। डॉक्टरों ने इलाज के लिए 40 हजार मांगे। जिसके बाद ऑपरेशन हुआ। इटौंजा की रहने वाली एक युवती के साथ आए तीमारदार ने बताया कि युवती के कमर के ऊपर गांठ है। ऑपरेशन के नाम पर डॉ ने पांच हजार की मांग की। इसी तरह दुबग्गा के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ आई उनकी तीमारदार पत्नी ने बताया कि उनके पति दुबग्गा गल्ला मंडी में गाड़ी चलाने का काम करते हैं। वह बछरावां में सब्जियां पहुंचाकर लौट रहे थे और दुर्घटनाग्रस्त हो गए। उनके दाएं पैर की हड्डी टूट गई। बलरामपुर मे भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने ऑपरेशन के नाम पर 24 हजार वसूल लिए। सिद्धार्थनगर से एक महिला अपने दुधमुंही बच्ची के बाएं हाथ की सर्जरी कराने बलरामपुर अस्पताल आई थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के नाम पर उससे भी पैसे की मांग की। गाजियाबाद के रहने वाले एक किशोर का हार्निया की समस्या थी। डॉक्टर रोहित ने ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टर ने उससे 5 हजार वसूल लिए।
सीतापुर मिश्रिख के रहने वाले एक व्यक्ति का बवासीर का ऑपरेशन होना था। उनके साथ आए तीमारदार ने बताया कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के नाम पर उनसे पांच हजार की मांग की। इसी तरह बुधवार को राम देवी,शिवानी,उषा देवी सहित अन्य महिलाओं का ऑपरेशन हुआ। आरोप है सभी के ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों ने पैसे वसूले हैं।
बिना ऑपरेशन कराए लौट गया मरीज
सूत्रों के मुताबिक आर्थो सर्जरी वार्ड 22 के बेड संख्या 19 पर भर्ती मरीज का घुटने का ऑपरेशन होना था डाक्टरों ने ज्यादा पैसा बता दिया तो वह रेफर कराकर बुधवार सुबह बिना ऑपरेशन कराए मरीज को रेफर कराकर ले गए।
सीएमएस ने साधी चुप्पी
इस मामले में तरुण मित्र की टीम ने बलरामपुर के सीएमएस हिमांशु चतुर्वेदी को पूरा प्रकरण भेजकर पूरा मामला बताया। इस मामले में हिमांशु चतुर्वेदी ने कोई उत्तर नहीं दिया।
निदेशक बोले मामले में होगी जांच और कार्रवाई
इस मामले में बलरामपुर जिला अस्पताल के निदेशक विवेक गुप्ता से तरुण मित्र की टीम ने बात की। विवेक गुप्ता का कहना है कि मामला काफी गम्भीर है। इस मामले में आरोपी डाक्टरों के विरुद्ध विभागीय जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
क्या हैं नियम और कानून ?
पूरे बलरामपुर अस्पताल में नियम और कानून को लेकर जगह-जगह मरीजों की जागरूकता के लिए बोर्ड लगे हुए हैं। बोर्ड में साफ लिखा है कि
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बलरामपुर चिकित्सालय में सभी प्रकार की
आवश्यक जाँचें व दवाइयाँ उपलब्ध है।
• यदि कोई भी चिकित्सक कर्मचारी बाहर से जाँच कराने दवा लाने हेतु कहता है तो तत्काल इसकी सूचना चिकित्सालय प्रशासन को उपलब्ध कराये।
• बिना रसीद प्राप्त किये किसी को भी, कोई शुल्क अदा न करें।
• चिकित्सालय में पान मसाला थूकना / धूम्रपान आदि करना प्रतिबन्धित है पकड़े जाने पर रू0 500/- तक अर्थदण्ड देय होगा।
• चिकित्सालय में तोड़-फोड़ मार पीट अभद्र व्यवहार करना UP Medical Protection Act 2013 के अंतर्गत गैर जमानती अपराध है। जिसमें 3 साल
की सजा व 50,000/- तक जुर्माना वसूला जायेगा। - आज्ञा से निदेशक बलरामपुर चिकित्सालय
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
