ये है भारतीय नारी! ब्रेन स्ट्रोक के मरीज पति को पीठ पर उठाकर हॉस्पिटल लाई

Published By Subhash Pandey
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अकोला: महाराष्ट्र के अकोला से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां एक पत्नी अपने पति को पीठ पर उठाकर हॉस्पिटल लेकर आ गई। पति ब्रेन स्ट्रोक का मरीज है और स्ट्रेचर न मिलने की वजह से पत्नी उसे पीठ पर उठाकर डॉक्टर के पास ले आई। अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है।

इस मामले को देखने के बाद लोग यही कह रहे हैं कि स्त्री शक्ति होती है और अपने सुहाग को बचाने के लिए वह किसी भी मुसीबत से लड़ सकती है। महिला ने पति की जान बचाने के लिए दूसरे साधन ढूंढने की बजाय खुद की पीठ को ही स्ट्रेचर बना डाला। इस बात की हर तरफ तारीफ हो रही है।

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क्या है पूरा मामला?
अकोला जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसी) में व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित अपने पति को इलाज के लिए पत्नी द्वारा पीठ पर उठाकर अस्पताल में ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि मरीज को भर्ती कराने के दौरान समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को अपने बीमार पति को पीठ पर उठाकर अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकना पड़ा। 

वायरल वीडियो में महिला के पेट पर बैग बंधा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि वह पीठ पर पति को लेकर डॉक्टरों, नर्सों और उपचार कक्ष की तलाश करती नजर आ रही है। यह दृश्य मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला है।

डॉक्टर ने क्या बताया?
इस पूरे मामले पर जीएमसी के अधिष्ठाता डॉक्टर संजय सोनुने ने अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि अस्पताल के कुछ डॉक्टरों, परिचारिकाओं और कर्मचारियों को कुछ दलाल तथा आरटीआई कार्यकर्ता अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। उनके अनुसार पत्नी द्वारा पति को पीठ पर उठाने वाला वीडियो सुनियोजित तरीके से बनाया गया प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो में कहीं भी भीड़ दिखाई नहीं दे रही है और मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।

 

 

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लेखक के बारे में

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सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।

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