विश्व मरुस्थल एवं सूखा निवारण दिवस पर वाटरशेड विकास कार्यक्रम का हुआ आयोजन
प्रतापगढ़। भूमि संरक्षण अधिकारी चमन सिंह ने बताया कि विश्व मरुस्थल एवं सूखा निवारण दिवस के अवसर पर वाटरशेड विकास घटक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (PMKSY 2.0) के अंतर्गत डब्ल्यू.डी.सी. 2 आसपुर देवसरा में एक विशेष कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जल संवर्धन, वृक्षारोपण और जनसहभागिता के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देना था।इस विशेष अवसर पर परियोजना के अंतर्गत बनाए गए तालाबों के आस-पास वृक्षारोपण किया गया। साथ ही, पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। इसी कड़ी में पंचायत भवन उदैशाहपुर में बनने वाली 'रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना' (वर्षा जल संचयन प्रणाली) का भूमि पूजन डब्ल्यू.डी.सी. 2 के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह द्वारा विधि-विधान से संपन्न किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान में मरुस्थलीकरण और गहराते जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए सामुदायिक सहभागिता (समाज की भागीदारी) अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाटरशेड विकास घटक जल एवं भूमि के संरक्षण के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
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ब्रजेश त्रिपाठी को पत्रकारिता क्षेत्र में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन और संपादन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के व्यूरो प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं।
